Egg Price Hike: अंडा हुआ महंगा! एक दर्जन की कीमत 100 रुपये के पार, जानिए क्या है वजह
Egg Price Hike: देशभर में अंडे की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, पोल्ट्री फीड महंगी होने और मक्का-सोयाबीन के दाम बढ़ने से एक दर्जन अंडे 100 रुपये के पार पहुंचे
Egg Price Hike: क्या अंडा अब आम लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है? आखिर अचानक क्यों 100 रुपये प्रति दर्जन के पार पहुंच गए अंडे के दाम? इसके पीछे सिर्फ महंगाई नहीं, बल्कि कई बड़े कारण छिपे हैं। जानिए क्यों लगातार बढ़ रही हैं कीमतें और आने वाले दिनों में क्या और महंगा हो सकता है।
Egg Price Hike: अंडे की कीमतों में जबरदस्त उछाल, एक दर्जन का रेट 100 रुपये के पार
Egg Price Hike: अगर आप रोजाना अंडा खाते हैं या अपने बच्चों की डाइट में अंडा शामिल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। देशभर में अंडों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कई शहरों में एक अंडे की कीमत 8.5 से 9 रुपये तक पहुंच गई है, जिसके चलते एक दर्जन अंडों का दाम 100 रुपये से अधिक हो गया है। बढ़ती महंगाई का असर अब लोगों की रोजमर्रा की थाली पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
क्यों बढ़ रहे हैं अंडों के दाम?
जानकारी के मुताबिक, अंडों की कीमत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह पोल्ट्री फीड का लगातार महंगा होना है। पोल्ट्री उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि मुर्गियों के चारे में इस्तेमाल होने वाले मक्का, सोयाबीन खली और विदेशों से आयात होने वाले कई जरूरी फीड इंग्रीडिएंट्स की कीमतों में भारी उछाल आया है। इससे उत्पादन लागत बढ़ गई है, जिसका सीधा असर अंडों के बाजार भाव पर दिखाई दे रहा है।
मक्का और सोयाबीन की कीमतों ने बढ़ाई परेशानी
पोल्ट्री फीड में करीब 55 प्रतिशत हिस्सा मक्का का होता है। मार्च के बाद से मक्का की कीमतों में 35 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, फीड में लगभग 22 प्रतिशत इस्तेमाल होने वाली सोयाबीन खली की कीमतें 64 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं। इसके अलावा मुर्गियों के पोषण के लिए जरूरी एमिनो एसिड की कीमतें भी मार्च के मुकाबले करीब साढ़े तीन गुना तक बढ़ गई हैं।
पश्चिम एशिया संकट और आयात पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर भी पोल्ट्री उद्योग पर पड़ा है। कई जरूरी कच्चे माल का आयात प्रभावित हुआ है, जिससे फीड की लागत और बढ़ गई है। इसके चलते पोल्ट्री कंपनियों को उत्पादन लागत संभालना मुश्किल हो रहा है।
NECC के आंकड़ों में भी दिखी तेजी
नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (NECC) के अनुसार, हैदराबाद में अंडों की एक्स-फार्म कीमत पिछले एक महीने में करीब 15 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि पिछले साल की तुलना में इसमें लगभग 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
एथेनॉल उद्योग से भी बढ़ी मक्का की मांग
मक्का की मांग अब केवल पोल्ट्री उद्योग तक सीमित नहीं रही है। एथेनॉल उत्पादन करने वाली कंपनियां भी बड़ी मात्रा में मक्का खरीद रही हैं। इससे बाजार में मक्का की उपलब्धता कम हुई और कीमतें तेजी से बढ़ीं। वहीं, अनियमित मानसून और खरीफ फसलों पर संभावित असर ने भी बाजार की चिंता बढ़ा दी है।

चिकन भी हुआ महंगा
सिर्फ अंडे ही नहीं, बल्कि चिकन की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इस साल जून तक पड़ी भीषण गर्मी के कारण ब्रॉयलर चिकन का उत्पादन प्रभावित हुआ, जिससे कई शहरों में चिकन का खुदरा भाव 250 से 260 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकते हैं दाम
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून सामान्य नहीं रहा और मक्का व सोयाबीन की कीमतों में राहत नहीं मिली, तो अंडे और चिकन दोनों की कीमतों में आगे भी तेजी बनी रह सकती है। ऐसे में आम उपभोक्ताओं को आने वाले समय में और अधिक खर्च करना पड़ सकता है।
