20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र: इनकम टैक्स समेत 7 बड़े बिल पेश करेगी सरकार
नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। सत्र से पहले राजधानी दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। केंद्र सरकार जहां अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है, वहीं विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों और अन्य जनहित के विषयों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है।
लोकसभा में पेश हो सकते हैं पांच नए विधेयक
संसदीय सूत्रों के अनुसार सरकार इस सत्र में लोकसभा के समक्ष पांच महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है। इनमें कुछ विधेयक अध्यादेशों का स्थान लेंगे, जबकि कुछ कानूनों में संशोधन से जुड़े होंगे।
प्रस्तावित विधेयकों में शामिल हैं—
इनकम टैक्स (संशोधन) विधेयक, 2026
सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026
राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विकास संशोधन विधेयक, 2026
दो लंबित विधेयकों पर भी बढ़ सकती है चर्चा
सरकार पहले से लंबित दो महत्वपूर्ण विधेयकों को भी आगे बढ़ाने की योजना बना सकती है। इनमें विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 शामिल हैं। शिक्षा से जुड़े इस विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) अपनी रिपोर्ट दे सकती है।
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परिसीमन और ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर राजनीतिक बहस तेज
हालांकि सरकार की आधिकारिक कार्यसूची में अभी परिसीमन (Delimitation) और ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से जुड़े विधेयकों का उल्लेख नहीं है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इन विषयों पर चर्चा तेज है। विपक्षी दलों का मानना है कि सरकार आने वाले समय में इन प्रस्तावों को आगे बढ़ा सकती है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि परिसीमन से जुड़ा विधेयक सदन में लाया गया तो उसका विरोध किया जाएगा।
सत्र से पहले बैठकों का दौर
मानसून सत्र की रणनीति तय करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद समूह (GoM) की बैठक बुलाई गई है। दूसरी ओर, विपक्षी दल भी 19 जुलाई को संयुक्त बैठक कर संसद में सरकार को घेरने के लिए साझा रणनीति तैयार करेंगे।
गरमा सकता है संसद का मानसून सत्र
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। सरकार जहां महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी, वहीं विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, NEET परीक्षा और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग सकता है।
