Rahul Gandhi के कार्यक्रम पर ‘एंटरटेनमेंट पॉलिटिक्स’ का साया? जैस्मिन सैंडलस के फ्री कॉन्सर्ट ने खड़े किए बड़े सवाल
Rahul Gandhi के युवा संवाद वाले दिन जैस्मिन सैंडलस के फ्री लाइव कॉन्सर्ट में उमड़ी हजारों की भीड़
Rahul Gandhi युवाओं से रोजगार और भविष्य पर संवाद कर रहे थे, लेकिन हजारों युवा मुफ्त म्यूजिक कॉन्सर्ट में झूमते नजर आए। क्या यह सिर्फ संयोग था या फिर एक सुनियोजित रणनीति? इस पूरे विवाद और उठ रहे सवालों को जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।
Rahul Gandhi के कार्यक्रम पर ‘एंटरटेनमेंट पॉलिटिक्स’ का साया?
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शुक्रवार शाम एक ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला जिसने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी। एक ओर कांग्रेस नेता Rahul Gandhi युवाओं के साथ रोजगार, शिक्षा और भविष्य जैसे मुद्दों पर संवाद कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर परेड ग्राउंड में पंजाबी सिंगर जैस्मिन सैंडलस का लाइव कॉन्सर्ट चल रहा था, जहां हजारों युवाओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
राजनीतिक कार्यक्रम की तुलना में कॉन्सर्ट में कहीं ज्यादा भीड़ दिखाई देने के बाद अब यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर युवाओं का झुकाव मुद्दों की बजाय मनोरंजन की ओर क्यों दिखा?
मुफ्त कॉन्सर्ट की टाइमिंग पर उठे सवाल
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज है कि जैस्मिन सैंडलस का कार्यक्रम उसी दिन और लगभग उसी समय आयोजित किया गया, जब Rahul Gandhi का युवा संवाद तय था। बताया जा रहा है कि कॉन्सर्ट में प्रवेश पूरी तरह मुफ्त था, जिसके चलते बड़ी संख्या में युवा वहां पहुंच गए।
इसी को लेकर विपक्षी नेताओं और राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सिर्फ संयोग था या फिर राहुल गांधी के कार्यक्रम की भीड़ कम करने के उद्देश्य से ऐसा आयोजन किया गया? हालांकि, इस संबंध में सरकार या आयोजनकर्ताओं की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है जो इन दावों की पुष्टि करता हो।

कॉन्सर्ट में उमड़ा युवाओं का सैलाब
परेड ग्राउंड में शाम होते-होते हजारों युवा पहुंच गए। अनुमान के मुताबिक पांच हजार से अधिक लोगों ने कॉन्सर्ट में हिस्सा लिया। जैस्मिन सैंडलस ने अपने लोकप्रिय गीतों पर प्रस्तुति दी, जिस पर देर रात तक युवा झूमते रहे। मैदान के भीतर ही नहीं, बाहर तक भीड़ देखने को मिली और पूरा माहौल म्यूजिक फेस्टिवल जैसा नजर आया।
Rahul Gandhi कर रहे थे रोजगार और शिक्षा पर चर्चा
उधर Rahul Gandhi अपने कार्यक्रम में युवाओं से रोजगार, शिक्षा, अवसर और भविष्य जैसे अहम मुद्दों पर संवाद कर रहे थे। लेकिन सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा जैस्मिन सैंडलस के कॉन्सर्ट और वहां जुटी भीड़ की होती रही।
क्या बदल रही है युवाओं की प्राथमिकता?
इस पूरे घटनाक्रम ने एक नई बहस को जन्म दिया है कि क्या आज का युवा राजनीतिक विमर्श से ज्यादा मनोरंजन की ओर आकर्षित हो रहा है? या फिर बड़े कलाकारों के मुफ्त कार्यक्रम स्वाभाविक रूप से अधिक भीड़ खींचते हैं?
वहीं दूसरी ओर विपक्ष इस मामले को राजनीतिक रणनीति से जोड़ रहा है और कार्यक्रम की टाइमिंग को लेकर सवाल उठा रहा है। हालांकि, अब तक इस बात का कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है कि दोनों आयोजनों का समय जानबूझकर टकराव की स्थिति में रखा गया था।
