Petrol Diesel Price 14 April 2026: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती, फिर भी नहीं मिलेगी राहत! जानिए क्यों महंगा ही रहेगा ईंधन
Petrol Diesel Price 14 April 2026: Petrol Diesel Price 14 April 2026: सरकार ने टैक्स घटाया, लेकिन आम जनता को राहत क्यों नहीं? अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और नई नीति का पूरा गणित समझिए
Petrol Diesel Price 14 April 2026: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर आम जनता एक बार फिर चिंता में है। 14 अप्रैल 2026 को जारी नई जानकारी के अनुसार, सरकार ने भले ही पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की हो, लेकिन इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को नहीं मिलेगा।
इस समय पेट्रोल की कीमत लगभग 106 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 93 रुपये प्रति लीटर के आसपास बनी हुई है, जिससे लोगों की जेब पर बोझ लगातार बना हुआ है।
Petrol Diesel Price 14 April 2026: क्यों नहीं घटे दाम?
सरकार के फैसले के बावजूद खुदरा कीमतों में कमी नहीं आने की सबसे बड़ी वजह तेल कंपनियों का घाटा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में पिछले एक महीने में लगभग 50% तक उछाल आया है।
ऐसे में सरकार द्वारा दी गई टैक्स छूट का इस्तेमाल तेल कंपनियां अपने बढ़े हुए लागत बोझ को कम करने में करेंगी, न कि कीमतें घटाने में।
एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती
हाल ही में सरकार ने पेट्रोल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) को 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। वहीं डीजल पर यह शुल्क 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया गया है।

इसके बाद:
- पेट्रोल पर प्रभावी एक्साइज ड्यूटी घटकर 11.90 रुपये प्रति लीटर रह गई
- डीजल पर यह घटकर 7.80 रुपये प्रति लीटर हो गई
हालांकि, यह राहत सीधे ग्राहकों तक नहीं पहुंच रही।
Petrol Diesel Price 14 April 2026: सरकार को होगा घाटा, फिर भी लिया फैसला
सरकार के इस कदम से जहां आम जनता को तत्काल राहत नहीं मिल रही, वहीं सरकार को करीब 7,000 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व का नुकसान होगा।
इसके विपरीत, डीजल और एटीएफ (विमान ईंधन) पर लगाए गए नए निर्यात शुल्क से सरकार को पहले 15 दिनों में करीब 1,500 करोड़ रुपये की कमाई होने का अनुमान है।
Petrol Diesel Price 14 April 2026: फिर से लागू हुआ विंडफॉल टैक्स
सरकार ने डीजल के निर्यात पर 21.50 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 29.50 रुपये प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स फिर से लागू किया है।
यह कदम पहली बार 2022 में उठाया गया था, जब रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण तेल कंपनियों को अप्रत्याशित मुनाफा हो रहा था। दिसंबर 2024 में इसे हटाया गया था, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए फिर से लागू कर दिया गया है।
हर 15 दिन में होगी समीक्षा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस निर्यात शुल्क की समीक्षा हर 15 दिन में की जाएगी, ताकि इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों के अनुसार समायोजित किया जा सके।
Petrol Diesel Price 14 April 2026: अंतरराष्ट्रीय संकट का असर
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर के पार पहुंच गई हैं।
इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में बाधा के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, जिससे तेल और एलपीजी दोनों की उपलब्धता पर असर पड़ा है।
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एलपीजी उत्पादन बढ़ाने की कोशिश
घरेलू स्तर पर गैस की कमी से बचने के लिए सरकारी तेल कंपनियों ने बड़ा कदम उठाया है।
उन्होंने पेट्रोकेमिकल उत्पादन यूनिट्स को एलपीजी उत्पादन की ओर मोड़ दिया है, जिससे घरेलू गैस उत्पादन में करीब 40% तक की वृद्धि हुई है।
Petrol Diesel Price 14 April 2026: राज्यों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
देश के अलग-अलग राज्यों में ईंधन की कीमतें अलग-अलग बनी हुई हैं। कुछ प्रमुख राज्यों के रेट इस प्रकार हैं:
- महाराष्ट्र: पेट्रोल ₹103.54 | डीजल ₹91.33
- दिल्ली: पेट्रोल ₹94.77 | डीजल ₹87.67
- बिहार: पेट्रोल ₹107.17 | डीजल ₹92.37
- मध्य प्रदेश: पेट्रोल ₹106.63 | डीजल ₹92.80
- केरल: पेट्रोल ₹107.30 | डीजल ₹95.25
- तेलंगाना: पेट्रोल ₹106.89 | डीजल ₹96.27
- रायपुर: पेट्रोल ₹100.66 | डीजल ₹93.60
इन आंकड़ों से साफ है कि कई राज्यों में पेट्रोल 100 रुपये के पार बना हुआ है।
सरकार के सामने क्या विकल्प थे?
सरकार के सामने दो विकल्प थे:
- बढ़ती कीमतों का बोझ सीधे जनता पर डाला जाए
- टैक्स घटाकर खुद नुकसान उठाया जाए
सरकार ने दूसरा विकल्प चुना, लेकिन इसका फायदा उपभोक्ताओं तक तुरंत नहीं पहुंच पाया।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिलहाल राहत की उम्मीद करना मुश्किल दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, युद्ध जैसे हालात और आपूर्ति में बाधाएं आने वाले समय में कीमतों को और प्रभावित कर सकती हैं।
सरकार के कदमों से भविष्य में राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल आम जनता को महंगे ईंधन का सामना करना ही पड़ेगा।
