Indore Water Crisis: इंदौर में दूषित पानी से हाहाकार, 3 की मौत, 150 से ज्यादा बीमार

Indore Water Crisis: देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल इंदौर में दूषित पानी की आपूर्ति से गंभीर स्थिति बन गई है। बाणगंगा क्षेत्र के भागीरथपुरा इलाके में गंदा पानी पीने से अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 150 से अधिक लोग बीमार पड़ गए हैं। बड़ी संख्या में मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दूषित पानी के कारण लोगों को उल्टी-दस्त, तेज बुखार और कमजोरी की शिकायत हुई। इनमें से 50 से ज्यादा मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर ज्यादा देखा गया है, जिनमें से कई को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से नलों से आने वाले पानी का रंग, स्वाद और गंध सामान्य नहीं थी, लेकिन मजबूरी में लोगों को वही पानी इस्तेमाल करना पड़ा। इसके बाद पूरे इलाके में फूड पॉइजनिंग और डायरिया जैसे लक्षण सामने आने लगे।

कई अस्पतालों में भर्ती हैं मरीज

सूत्रों के अनुसार, 4 से 5 निजी अस्पतालों में मरीजों का इलाज चल रहा है। वर्मा अस्पताल में 75 वर्षीय नंदलाल पाल की मौत हो गई, जिन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद भर्ती किया गया था। इसके अलावा दो महिलाओं की भी मौत की पुष्टि हुई है।

वर्मा अस्पताल में वर्तमान में 20 मरीज भर्ती हैं, जबकि ESIC अस्पताल में 11 मरीजों का इलाज चल रहा है। इसके अलावा अरविंदो और त्रिवेणी अस्पताल में भी कई मरीज भर्ती हैं।

प्रशासन और सरकार अलर्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को दूषित पानी की आपूर्ति तुरंत बंद करने और सभी मरीजों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अस्पताल पहुंचकर प्रभावितों से मुलाकात की और सभी का इलाज सरकारी खर्च पर कराने की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मरीजों ने इलाज पर खर्च किया है, उन्हें राशि वापस कराई जाएगी।

प्रशासन ने पानी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।

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