Ujjain Tarana Violence: तराना हिंसा की पूरी कहानी, एक बहस से दंगे तक कैसे पहुंचे हालात
Ujjain Tarana Violence: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के तराना कस्बे में गुरुवार शाम भड़की सांप्रदायिक हिंसा ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस हिंसा में कम से कम 13 बसें और 10 कारें क्षतिग्रस्त हो गईं, एक बस को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि 4 से 6 घरों को भी नुकसान पहुंचा है। पुलिस ने अब तक 15 से 20 लोगों को हिरासत में लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
कैसे शुरू हुई हिंसा?
पुलिस के अनुसार, हिंसा की शुरुआत गुरुवार रात तब हुई जब विश्व हिंदू परिषद (VHP) की गौ सेवा प्रकोष्ठ के स्थानीय प्रमुख सोहल ठाकुर बुंदेला पर कथित रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ युवकों ने हमला कर दिया। सुखला गली इलाके में घूरने और एक ही स्थान पर खड़े होने को लेकर कहासुनी हुई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। हमले में सोहल ठाकुर घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सड़कों पर उतरी भीड़, जमकर तोड़फोड़
हमले की खबर फैलते ही दोनों समुदायों के लोग सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते पत्थरबाज़ी शुरू हो गई और बस स्टैंड के पास खड़ी कई बसों, कारों और मोटरसाइकिलों को निशाना बनाया गया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने देर रात स्थिति पर काबू पाया और इलाके में बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी।
जुमे की नमाज़ के बाद फिर बिगड़े हालात
शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद एक बार फिर तनाव भड़क उठा। हथियारों से लैस युवक आमने-सामने आ गए, जिससे पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। जिले के 5 से 10 थानों से पुलिस फोर्स मौके पर तैनात की गई। इस दौरान घरों, दुकानों और वाहनों पर फिर से पथराव किया गया। कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि तलवार, रॉड और लाठियों से लैस लोग उनके मोहल्लों में घुसे और घरों पर हमला किया।
पुलिस की मौजूदगी में भी हिंसा
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिस की मौजूदगी के बावजूद उपद्रवी घरों के ताले तोड़ने की कोशिश करते दिखे। कई वीडियो में दोनों पक्षों के लोग खुलेआम हथियार लहराते नजर आए। शुक्रवार को पुलिस ने हमले के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिसके बाद वीएचपी नेता के समर्थकों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
सीएम की सख्त चेतावनी
उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि अब तक 15 से 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है और दंगे में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दावोस से लौटने के बाद चेतावनी देते हुए कहा कि हिंसा फैलाने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शांति की अपील और फ्लैग मार्च
शहर काजी सफीउल्लाह और कांग्रेस विधायक महेश परमार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर रोशन सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा ने पुलिस बल के साथ तराना में फ्लैग मार्च किया और संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया।
