गणतंत्र दिवस समारोह: फुल ड्रेस रिहर्सल में छत्तीसगढ़ की झांकी का शानदार प्रदर्शन, जनजातीय संस्कृति ने मोहा देश
गणतंत्र दिवस समारोह
रायपुर: गणतंत्र दिवस समारोह से पहले कर्तव्य पथ पर आयोजित फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान छत्तीसगढ़ की झांकी ने अपनी अनूठी और प्रभावशाली प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। झांकी में राज्य की जनजातीय जीवनशैली, पारंपरिक कला, लोकनृत्य, वेशभूषा और ऐतिहासिक धरोहर को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को खासा प्रभावित किया।
जनजातीय डिजिटल संग्रहालय पर आधारित झांकी
इस वर्ष छत्तीसगढ़ की झांकी देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की थीम पर आधारित है। इसमें आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और आधुनिक डिजिटल तकनीक के समन्वय को रचनात्मक और प्रभावी ढंग से दर्शाया गया है, जो राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से प्रस्तुत करता है।
प्रेस प्रीव्यू में भी मिली सराहना
इससे पूर्व रक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय रंगशाला कैंप में आयोजित प्रेस प्रीव्यू के दौरान राष्ट्रीय मीडिया के सामने छत्तीसगढ़ की झांकी का प्रदर्शन किया गया। झांकी के माध्यम से उन अमर जनजातीय वीरों को श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष कर स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।
नवा रायपुर में स्थापित है जनजातीय डिजिटल संग्रहालय
इन महान बलिदानियों की स्मृति में नवा रायपुर अटल नगर में देश का पहला जनजातीय डिजिटल संग्रहालय स्थापित किया गया है। यहां छत्तीसगढ़ सहित देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक डिजिटल तकनीक के जरिए संरक्षित किया गया है। इस संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर किया था।
दिन-रात की मेहनत से तैयार हुई झांकी
विशेषज्ञ समिति से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों और कलाकारों ने करीब एक माह तक लगातार मेहनत कर झांकी को अंतिम रूप दिया। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने के लिए देश के 17 राज्यों की झांकियों का चयन किया गया है।
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