नई जमीन गाइडलाइन दरों के खिलाफ कांग्रेस का धरना, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय बोले- सरकार का यू-टर्न गलत, विरोध जारी रखेंगे
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नई जमीन गाइडलाइन दरों में 500% से 900% तक की बेतहाशा बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस ने सोमवार को राजधानी रायपुर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। राजीव गांधी चौक पर इकट्ठा हुए कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां थामे नारेबाजी की। उनकी मुख्य मांग है कि सरकार नई गाइडलाइन दरों को पूरी तरह वापस ले, वरना विरोध के रूप अलग-अलग तरीकों से जारी रखेंगे। यह प्रदर्शन आम जनता, व्यापारियों और रियल एस्टेट कारोबारियों की परेशानी को उजागर करता है, जिन पर बढ़े रेट्स से आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
प्रदर्शन का मकसद और नेताओं के बयान
प्रदर्शन में शामिल पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि नई गाइडलाइन दरों को बढ़ाकर भाजपा सरकार ने आम लोगों को परेशान किया है। व्यापारी वर्ग भी इससे बुरी तरह प्रभावित है। “हम लगातार सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। आज एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, ताकि लोगों को राहत मिले।” उन्होंने सरकार के यू-टर्न पर तंज कसते हुए कहा कि तीन-चार बिंदुओं पर ही आदेश वापस लिया गया है। “लोगों से शिकायत और सुझाव मांगे जा रहे हैं, लेकिन पहले क्यों नहीं सोचा गया जब रेट अचानक जारी किए गए? विरोध के बाद संशोधन का निर्णय गलत है।”
कांग्रेस नेता पंकज शर्मा ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा हर बार बिना सोचे-समझे फैसले लेती है। “बिजली बिल अचानक बढ़ाया गया, लेकिन विरोध के बाद 200 यूनिट माफ किए। जमीन गाइडलाइन पर भी यही हुआ। लोगों के विरोध के बाद यू-टर्न लिया। हम लगातार आवाज उठाते रहेंगे, और जब तक पहले की तरह गाइडलाइन तय नहीं होंगी, तब तक विरोध जारी रहेगा।”
नई गाइडलाइन का बैकग्राउंड और विवाद
छत्तीसगढ़ सरकार ने नवंबर 2025 में वर्ष 2025-26 के लिए नई संपत्ति गाइडलाइन दरें जारी कीं, जो 1 जुलाई 2025 से लागू होने वाली थीं। लेकिन सर्वे में देरी के कारण इन्हें नवंबर में ही प्रभावी किया गया। रायपुर और नवा रायपुर जैसे इलाकों में दरें पुणे-बेंगलुरू के स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे फ्लैट-मकानों की कीमतें आसमान छू रही हैं। कांग्रेस का आरोप है कि यह फैसला भूमाफियाओं और बिल्डरों को फायदा पहुंचाने वाला है, जबकि आम आदमी घर खरीदना मुश्किल हो गया है।
रियल एस्टेट एसोसिएशन ने भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्रियों से मुलाकात कर आपत्ति दर्ज की। उन्होंने कहा कि बढ़ोतरी से राज्य मनी लॉन्ड्रिंग का गढ़ बन गया है, क्योंकि पहले कम रेट्स पर काली कमाई निवेश होती थी। विपक्ष का दावा है कि भाजपा सरकार ने पिछली कांग्रेस सरकार की 30% छूट समाप्त कर दी, जिससे कारोबार ठप हो गया।
राज्यव्यापी विरोध की लहर
यह प्रदर्शन रायपुर तक सीमित नहीं है। नवंबर 2025 से कांग्रेस ने राज्यभर में पुतला दहन, धरने और विरोध मार्च शुरू किए हैं। दुर्ग में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के आरोप लगे, जिसे कांग्रेस ने दमनकारी बताया। युवा कांग्रेस ने भी राजेश मूणत के होर्डिंग्स पर कालिख पोतकर विरोध जताया। आम आदमी पार्टी ने भी आंबेडकर चौक पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी का पुतला दहन किया।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने इसे “उपभोक्ताओं की लूट” करार दिया, जबकि विकास उपाध्याय ने भू-माफिया के हित में फैसला बताया। सरकार ने कुछ बिंदुओं पर संशोधन का वादा किया है, लेकिन विपक्ष संतुष्ट नहीं। यह विवाद छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट बाजार को प्रभावित कर रहा है, जहां पहले ही अवैध प्लाटिंग और महंगाई की शिकायतें हैं।
