पूर्वी रीजनल ब्यूरो का नक्सलियों को झटका, मिशिर बेसरा ने जारी रखा लड़ाई का ऐलान.. आत्मसमर्पण को बताया गद्दारी

Naxalites surrender in Chhattisgarh

Naxalites surrender in Chhattisgarh

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के लगातार आत्मसमर्पण और पुनर्वास की प्रक्रिया के बीच नक्सल संगठन के पूर्वी रीजनल ब्यूरो ने एक नया बयान जारी कर सनसनी फैला दी है। झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार के सीमावर्ती दुर्गम इलाकों में सक्रिय यह ब्यूरो अपनी लड़ाई को जारी रखने का ऐलान करते हुए संगठन की कमजोर पड़ती पकड़ को छिपाने की कोशिश करता नजर आ रहा है। बयान के पीछे प्रमुख नक्सली नेता मिशिर बेसरा का नाम प्रमुखता से जुड़ा है, जिसे इस रीजन का सबसे खूंखार नक्सली कमांडर माना जाता है।

बेसरा और उसके संगठन ने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र तथा तेलंगाना में हो रहे नक्सल आत्मसमर्पणों की कड़ी निंदा की है। बयान में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को “संगठन के गद्दार” करार दिया गया है और उन्हें राज्य सरकार की “भ्रामक नीतियों” में फंसने का दोषी ठहराया गया। पूर्वी रीजनल ब्यूरो ने दावा किया कि ये आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों की “दमनकारी कार्रवाइयों” का नतीजा हैं, लेकिन संगठन अपनी “क्रांतिकारी लड़ाई” को कभी नहीं छोड़ेगा। बयान में बेसरा ने साथी नक्सलियों से अपील की है कि वे “राज्य की चालों” से सावधान रहें और जंगलों में अपनी एकजुटता बनाए रखें।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह बयान नक्सल संगठन की घटती ताकत और आंतरिक हताशा का स्पष्ट संकेत है। बस्तर से लेकर सीमावर्ती राज्यों तक सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई ने नक्सलियों की जमीनी पकड़ को बुरी तरह कमजोर कर दिया है। हाल के महीनों में छत्तीसगढ़ में ही सैकड़ों नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौट चुके हैं, जो शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 की सफलता का प्रमाण है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेसरा का यह बयान संगठन को एकजुट करने की बेबाक कोशिश है, लेकिन वास्तविकता में पूर्वी रीजन में भी नक्सली गतिविधियां सीमित हो रही हैं।

मिशिर बेसरा, जो लंबे समय से फरार है, पर छत्तीसगढ़ पुलिस सहित केंद्रीय एजेंसियों ने 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। उसके नेतृत्व में पूर्वी रीजनल ब्यूरो ने कई हमलों की साजिश रची है, लेकिन हालिया अभियानों में कई प्रमुख कैडर या तो मारे गए या गिरफ्तार हो चुके हैं। सुरक्षा बलों ने बयान को गंभीरता से लेते हुए सीमावर्ती इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। बस्तर रेंज के आईजी ने कहा, “यह बयान नक्सलियों की बौखलाहट दिखाता है। हमारी मुहिम जारी रहेगी, और अधिक आत्मसमर्पण होंगे।”

 

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