नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत दो नए सुरक्षा कैम्प स्थापित, विकास की नई शुरुआत
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला बीजापुर में सुरक्षा और विकास के समन्वय को मजबूत करने के लिए दो नए सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प स्थापित किए गए हैं। थाना भोपालपटनम क्षेत्रांतर्गत ग्राम कांडलापर्ती-2 में 25 अक्टूबर 2025 को और थाना फरसेगढ़ क्षेत्रांतर्गत ग्राम पिल्लूर में 27 अक्टूबर 2025 को ये कैम्प शुरू किए गए। यह पहल राज्य सरकार की ‘नियद नेल्ला नार’ (आपका अच्छा गांव) योजना के अंतर्गत की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान करना है।
प्राकृतिक चुनौतियों के बीच साहसिक सफलता
विपरीत मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए इन कैम्पों की स्थापना की। यह कदम न केवल सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्रीय विकास को गति भी प्रदान करेगा। स्थापना के दौरान बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., केरिपु ऑप्स के महानिरीक्षक शालिन, दंतेवाड़ा रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप, बीजापुर के उप महानिरीक्षक (परिचालन) बी.एस. नेगी, जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव, विभिन्न केरिपु बटालियनों के कमांडेंट जैसे मोहित कुमार (22वीं बटालियन), के.डी. जोशी (214वीं बटालियन), विजेंद्र सिंह (222वीं बटालियन), अमित कुमार (153वीं बटालियन), अशोक कुमार (कोबरा 210), पुष्पेंद्र कुमार (कोबरा 206), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) रविंद्र कुमार मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) अमन कुमार झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय ध्रुव, उप पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की, अनुभागीय अधिकारी भोपालपटनम घनश्याम कामड़े तथा डीसी ऑप्स कुलदीप सिंह की उपस्थिति रही।
अंतर्राज्यीय संपर्क को मजबूती
ये कैम्प भोपालपटनम को फरसेगढ़, सेंड्रा और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे माओवादियों की अंतर्राज्यीय गतिविधियों पर अंकुश लगेगा। आगामी समय में नेशनल पार्क क्षेत्र के गांवों को सड़क, बिजली, पानी जैसी सुविधाओं से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा। ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत ये कैम्प ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, पीडीएस दुकानें, मोबाइल नेटवर्क, सड़क एवं पुल-पुलिया जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे, जिससे नक्सल विरोधी अभियान में तेजी आएगी।
नक्सल उन्मूलन में उल्लेखनीय उपलब्धियां
वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में कुल 21 सुरक्षा कैम्प स्थापित हो चुके हैं, जबकि 2023-24 एवं 2024-25 में अब तक 43 नए कैम्प शुरू किए गए हैं। इन प्रयासों के फलस्वरूप जिले में 599 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, 196 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए हैं तथा 986 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है। बस्तर संभाग में 210 माओवादियों ने हथियारों सहित आत्मसमर्पण किया है, जो नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी रणनीतिक सफलता है। राज्य स्तर पर 2025 में अब तक 521 कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि पिछले दो वर्षों में 1,053 आत्मसमर्पण दर्ज हुए हैं।
विकास की गति में तेजी
‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल टावर, आंगनबाड़ी केंद्र तथा अन्य जन-सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। बस्तर के पांच नक्सल प्रभावित जिलों सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा एवं कांकेर में पिछले डेढ़ वर्ष में 54 नए कैम्प स्थापित हो चुके हैं। इससे न केवल सुरक्षा मजबूत हुई है, बल्कि ग्रामीणों में उत्साह का संचार भी हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने कैम्प स्थापना का स्वागत किया है, जो नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सकारात्मक संकेत है। केंद्र सरकार के मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में ये प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
