Yogi Adityanath in Bihar Election 2025: बिहार चुनाव में योगी की एंट्री, दानापुर और सहरसा में करेंगे जनसभा — सीमांचल में बीजेपी की रणनीतिक चाल
Yogi Adityanath in Bihar Election 2025
पटना। Yogi Adityanath in Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अब चुनावी माहौल पूरी तरह गरमाने लगा है। आज से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनावी एंट्री हो रही है। बीजेपी ने योगी की पहली दो बड़ी रैलियों का आयोजन पटना के दानापुर और सहरसा में किया है।
योगी आदित्यनाथ आज पहली जनसभा पटना के दानापुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी रामकृपाल यादव के समर्थन में करेंगे, जबकि दूसरी सभा सहरसा में डॉ. आलोक रंजन के समर्थन में होगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, योगी की रैलियों को सीमांचल और कोशी बेल्ट के इलाकों में केंद्रित किया गया है, जहां मुस्लिम वोटरों की संख्या अधिक है और जहां AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की सक्रियता बढ़ी हुई है। ऐसे में योगी की यह एंट्री बीजेपी की एक रणनीतिक चाल मानी जा रही है, ताकि हिंदुत्व के मुद्दे पर समर्थक वोटरों को एकजुट किया जा सके।
दानापुर और सहरसा क्यों चुने गए योगी की पहली रैली के लिए?
दानापुर और सहरसा दोनों सीटों पर राजनीतिक समीकरण दिलचस्प हैं।
दानापुर में बीजेपी उम्मीदवार रामकृपाल यादव का मुकाबला बाहुबली रीतीलाल यादव से है। यहां योगी की उपस्थिति कानून व्यवस्था और मजबूत प्रशासन की छवि को उजागर करने का प्रयास मानी जा रही है।
वहीं, सहरसा की रैली पर सबकी निगाहें हैं क्योंकि यह इलाका सीमांचल के करीब है, जहां मुस्लिम आबादी अधिक है और ओवैसी की पार्टी AIMIM की पैठ भी लगातार बढ़ रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि योगी की यह रैली बीजेपी के लिए सिर्फ प्रचार नहीं बल्कि “नैरेटिव बैटल” है — यानी ओवैसी के बढ़ते प्रभाव के जवाब में हिंदुत्व की लहर को फिर से मजबूत करना।
AIMIM के बढ़ते प्रभाव के बीच बीजेपी का ‘हिंदुत्व कार्ड’
बिहार चुनाव में बीजेपी ने अब तक जारी प्रत्याशियों की सूचियों में किसी भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है। यहां तक कि एनडीए की तरफ से भी किसी मुस्लिम चेहरे को अब तक मैदान में नहीं उतारा गया है।
ऐसे में योगी की एंट्री यह संदेश देने की कोशिश है कि पार्टी अपने वैचारिक एजेंडे से पीछे नहीं हट रही है।
बीजेपी की रणनीति साफ है — हिंदुत्व के मजबूत चेहरे योगी आदित्यनाथ को उन इलाकों में भेजा जाए, जहां धार्मिक ध्रुवीकरण का सीधा असर चुनावी गणित पर पड़ सकता है।
दानापुर में बाहुबली रीतलाल यादव से टक्कर
दानापुर विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी प्रत्याशी रामकृपाल यादव के सामने बाहुबली रीतीलाल यादव का कड़ा मुकाबला है।
योगी की छवि एक सख्त प्रशासक और कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले नेता की रही है। ऐसे में दानापुर में उनकी उपस्थिति यह संकेत देती है कि बीजेपी यहां “मजबूत शासन बनाम बाहुबल” का संदेश देना चाहती है।
आने वाले दिनों में योगी की 20 से ज्यादा रैलियां
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आने वाले दिनों में बिहार के विभिन्न जिलों में 20 से अधिक चुनावी सभाएं करेंगे। पार्टी की योजना है कि सीमांचल, कोशी और उत्तर बिहार के उन क्षेत्रों में योगी को उतारा जाए, जहां त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबला है।
पार्टी को उम्मीद है कि योगी की सख्त छवि और लोकप्रियता इन क्षेत्रों में भाजपा के लिए “वोट जुटाने वाला चेहरा” साबित होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
राजनीतिक पंडितों के मुताबिक, सीमांचल की रैलियों के पीछे बीजेपी का उद्देश्य सिर्फ वोटों की राजनीति नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश देना भी है — कि पार्टी अपने विचारधारात्मक एजेंडे से पीछे नहीं हटेगी।
योगी की रैलियां बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत हैं और विपक्षी दलों के लिए यह संकेत कि चुनावी मैदान अब पूरी तरह हिंदुत्व बनाम सेक्युलरिज्म की बहस में तब्दील हो चुका है।
