राजस्थान बस अग्निकांड: 21 मृतक, 2 जिम्मेदार अधिकारी सस्पेंड, डीएनए से शिनाख्त जारी
जैसलमेर बस अग्निकांड
जयपुर/जैसलमेर। राजस्थान में मंगलवार को हुई AC स्लीपर बस अग्निकांड में मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। हादसे में झुलसे 10 वर्षीय बच्चे यूनुस ने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जोधपुर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में अभी भी 4 मरीज वेंटिलेटर पर हैं।
सरकारी कार्रवाई और जिम्मेदारों पर सख्ती
हादसे की जांच के दौरान चित्तौड़गढ़ परिवहन विभाग ने बस बॉडी को अप्रूव किया था। इसके लिए जिम्मेदार कार्यवाहक DTO सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया गया है। इधर, जैसलमेर के सदर थाने में मृतक पत्रकार राजेंद्र चौहान के भाई ने बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।
डीएनए से शवों की पहचान
हादसे में मारे गए लोगों की पहचान के लिए जोद्धपुर और जैसलमेर के हॉस्पिटल में डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं। सैंपल कलेक्शन में देरी के कारण लोगों में नाराजगी भी देखी गई। हॉस्पिटल अधीक्षक ने कहा कि डीएनए सत्यापन में अधिकतम 24 घंटे लगेंगे ताकि कोई गलती न हो।
आग लगने के संभावित कारण:
हादसे में आग लगने के कारणों को लेकर कई दावे सामने आए हैं: शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। एसी कम्प्रेशर पाइप फटने से आग भड़की। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस की डिग्गी पटाखों से भरी थी, जिससे आग तेज़ी से फैली।
आर्थिक मदद और राहत राशि
प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवार को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है।
मंत्री का बयान
राजस्थान मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि हादसे के समय पीछे से धमाके जैसी आवाज आई। उन्होंने कहा कि एसी का कंप्रेशर फटने और डीजल व गैस के मिलने से आग भयंकर रूप में फैल गई, और केवल एक ही दरवाजा होने के कारण लोग फंस गए। जो बॉडी पूरी तरह जल गई, उनके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता।
