Viral Girl Monalisa Wedding Case: जन्म प्रमाण पत्र रद्द हुआ… और पूरे मोनालिसा शादी केस की कहानी बदल गई!

Viral Girl Monalisa Wedding Case

Viral Girl Monalisa Wedding Case: जन्म प्रमाण पत्र रद्द होते ही मोनालिसा विवाह विवाद ने पकड़ा तूल

Viral Girl Monalisa Wedding Case: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से सामने आया चर्चित “वायरल गर्ल मोनालिसा” विवाह मामला अब और ज्यादा गंभीर हो गया है। इस बहुचर्चित केस में नया मोड़ तब आया जब नगर परिषद द्वारा जारी किया गया जन्म प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया। इस फैसले के बाद पूरे मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

जानकारी के मुताबिक, मोनालिसा का जन्म प्रमाण पत्र पहले एक शपथपत्र (एफिडेविट) और तहसीलदार के आदेश के आधार पर जारी किया गया था। इस प्रमाण पत्र में उसकी जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 दर्ज थी। लेकिन बाद में जब दस्तावेजों की दोबारा जांच की गई, तो कई विसंगतियां सामने आईं। इसके बाद नगर परिषद ने रिकॉर्ड की समीक्षा करते हुए जन्म प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया।

अस्पताल रिकॉर्ड ने बढ़ाई मुश्किलें

मामले की जांच कर रहे राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की टीम को शासकीय अस्पताल के रिकॉर्ड में मोनालिसा की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज मिली है। अगर यही रिकॉर्ड सही माना जाता है, तो विवाह के समय उसकी उम्र लगभग 16 वर्ष 2 महीने थी। ऐसे में नाबालिग विवाह के आरोपों को और बल मिल गया है।

यही वजह है कि अब प्रशासन इस पूरे मामले को सिर्फ दस्तावेजी गड़बड़ी नहीं, बल्कि संभावित कानूनी उल्लंघन के तौर पर देख रहा है। यदि जांच में नाबालिग विवाह की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ गंभीर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

Viral Girl Monalisa Wedding Case: प्रशासनिक कार्रवाई भी तेज

जन्म प्रमाण पत्र निरस्त होने के बाद प्रशासन ने भी सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। महेश्वर नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी का तबादला धार जिले के धामनोद नगर परिषद कर दिया गया है। इसे प्रशासनिक जवाबदेही के रूप में देखा जा रहा है।

सीएमओ का कहना है कि अस्पताल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान प्रमाण पत्र में त्रुटि पाई गई थी, जिसके बाद नियमों के तहत इसे रद्द किया गया।

राजनीति भी गरमाई

मामले में अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। खरगोन लोकसभा क्षेत्र के सांसद ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि यह मामला फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शादी कराने और सुनियोजित साजिश से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

कुछ संगठनों और स्थानीय नेताओं द्वारा इस प्रकरण को “लव जिहाद” से जोड़ने की कोशिश भी की जा रही है। हालांकि प्रशासन या पुलिस की ओर से अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

यह भी पढ़ें: Mahakumbh Viral Girl Monalisa Marriage: महाकुंभ फेम मोनालिसा ने बॉयफ्रेंड फरमान खान से की शादी

Viral Girl Monalisa Wedding Case: क्या है बैकग्राउंड स्टोरी?

यह मामला तब सुर्खियों में आया जब सोशल मीडिया पर “वायरल गर्ल मोनालिसा” की शादी से जुड़े वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हुए। इसके बाद लड़की की उम्र को लेकर सवाल उठने लगे। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने दावा किया कि लड़की नाबालिग है और उसकी शादी कानून के खिलाफ कराई गई है।

Viral Girl Monalisa Wedding Case

शुरुआत में प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों में लड़की को बालिग बताया गया, लेकिन बाद में अस्पताल रिकॉर्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज सामने आने के बाद विवाद गहरा गया। अब जन्म प्रमाण पत्र निरस्त होने से यह साफ हो गया है कि शुरुआती दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल हैं।

आगे क्या हो सकता है?

फिलहाल प्रशासन और पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गलत दस्तावेज किस आधार पर और किसकी मदद से तैयार किए गए। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इसमें किसी बड़े नेटवर्क या साजिश की भूमिका है।

आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं, क्योंकि अब मामला सिर्फ विवाह विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दस्तावेजों की वैधता, प्रशासनिक लापरवाही और संभावित आपराधिक साजिश तक पहुंच गया है।

Youthwings