अंजोर विजन पर अजय चंद्राकर ने सवाल उठाए, कहा- ‘मेड इन छत्तीसगढ़ की बात कब होगी?’

छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज नवीन विधानसभा भवन में शुरू हो गया। कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू हुई। सत्र के पहले दिन सदन में ‘छत्तीसगढ़ विजन 2047’ (अंजोर विजन) पर विशेष चर्चा हो रही है। विधानसभा परिसर में छत्तीसगढ़ी नृत्य की प्रस्तुति के साथ विधायकों का स्वागत किया गया। कार्यवाही शुरू होने से पहले कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, डिप्टी सीएम अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप सहित समिति के सदस्य मौजूद रहे। आज सदन की कार्यवाही शाम 5 बजे तक चलेगी।

 

वित्त मंत्री ने पेश किया विजन डॉक्यूमेंट

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डॉक्यूमेंट 2047’ प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह डॉक्यूमेंट दीर्घकालीन के साथ-साथ लघु और मध्यकालीन लक्ष्यों पर आधारित है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ की GDP 5 लाख 67 हजार करोड़ रुपये है, जो 2047 में 74 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। उन्होंने केंद्र की तुलना करते हुए कहा कि UPA सरकार में देश की अर्थव्यवस्था 10वें नंबर पर थी, जबकि आज 4वें नंबर पर है।

 

अजय चंद्राकर ने अंजोर विजन पर उठाए सवाल

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने अंजोर विजन पर कई तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विजन में गरीबी उन्मूलन पर कोई बात नहीं की गई और रोजगार की परिभाषा स्पष्ट नहीं है। 1.25 लाख हेक्टेयर कृषि जमीन कम हो गई, सिंचाई का क्षेत्र भी घटा है, इसके लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं। सतही जल के लिए कोई नीति नहीं है।

 

‘मेड इन छत्तीसगढ़’ की अवधारणा पर सवाल

अजय चंद्राकर ने पूछा कि ‘मेड इन इंडिया’ की बात होती है, लेकिन ‘मेड इन छत्तीसगढ़’ की बात कब होगी? उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हम साइकिल बांटते हैं, उसे यहां क्यों नहीं असेंबल करते? इतने मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं, तो बैंडेज, पट्टी या रीएजेंट यहां क्यों नहीं बनाए जाते?

 

मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जताई नाराजगी

अजय चंद्राकर की कुछ टिप्पणियों से मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल नाराज हो गए। उन्होंने खड़े होकर विधानसभा अध्यक्ष से आपत्ति जताई और व्यक्तिगत आरोप लगाने वाले अंश को सदन के रिकॉर्ड से विलोपित करने की मांग की।

 

सत्र के पहले दिन कांग्रेस के बहिष्कार के कारण विपक्षी बेंच खाली रहीं, लेकिन सत्ता पक्ष के विधायक की आलोचना ने चर्चा को रोचक बना दिया। विजन 2047 पर आगे की बहस सत्र को और गर्माने वाली है।

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