NEET री-एग्जाम खत्म होते ही Telegram की वापसी, मगर एक फीचर अब भी बंद
NEET UG री-एग्जाम के बाद Google Play Store पर फिर उपलब्ध हुआ Telegram, लेकिन मैसेज एडिट फीचर पर 30 जून तक जारी रहेगी रोक
एक हफ्ते तक Google Play Store से गायब रहने के बाद Telegram ने फिर वापसी कर ली है। लेकिन इस बार यूजर्स को पूरी आजादी नहीं मिली है। आखिर सरकार ने क्यों लगाया था बैन और कौन सा फीचर अब भी बंद है? पूरी खबर जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।
Telegram Google Play Store: NEET री-एग्जाम के बाद Play Store पर लौटा Telegram, लेकिन इस फीचर का नहीं कर पाएंगे इस्तेमाल
लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram एक बार फिर भारत में Google Play Store पर उपलब्ध हो गया है। NEET UG 2026 री-एग्जाम के दौरान अस्थायी रूप से हटाए गए इस ऐप की वापसी ने करोड़ों यूजर्स को राहत दी है। हालांकि, ऐप की वापसी के बावजूद कुछ प्रतिबंध अभी भी जारी हैं। खासतौर पर Telegram का एक बेहद लोकप्रिय फीचर फिलहाल यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं होगा।
NEET री-एग्जाम से पहले क्यों लगाया गया था प्रतिबंध?
सरकार और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था। यह कदम परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह, फर्जी पेपर या भ्रामक जानकारी के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया था।
अधिकारियों का मानना था कि कुछ सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए परीक्षा से जुड़ी गलत सूचनाएं तेजी से फैल रही थीं। आरोप यह भी था कि Telegram ऐसे कंटेंट को रोकने में पूरी तरह प्रभावी साबित नहीं हो रहा था। इसी वजह से 16 जून 2026 से 22 जून 2026 तक इसे Google Play Store से हटा दिया गया।
सफलतापूर्वक संपन्न हुआ NEET री-एग्जाम
NEET UG 2026 का री-एग्जाम अब सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। अब तक किसी भी बड़े पेपर लीक या परीक्षा में गड़बड़ी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परीक्षा समाप्त होने के बाद सरकार ने Telegram पर लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध हटा दिया।
इसके बाद ऐप को फिर से Google Play Store पर उपलब्ध करा दिया गया है। अब Android यूजर्स पहले की तरह Telegram डाउनलोड कर सकते हैं और अपने अकाउंट का इस्तेमाल कर सकते हैं।
फिर भी पूरी तरह नहीं मिली आजादी
हालांकि Telegram की वापसी हो गई है, लेकिन सरकार ने इसके कुछ फीचर्स पर निगरानी और प्रतिबंध जारी रखा है। सबसे बड़ा असर Telegram के लोकप्रिय Message Edit Feature पर पड़ा है।
सरकारी निर्देशों के अनुसार, Telegram का मैसेज एडिट फीचर 30 जून 2026 तक बंद रहेगा। यानी यूजर्स किसी भी भेजे गए मैसेज को एडिट नहीं कर सकेंगे। अधिकारियों का मानना है कि कई बार मैसेज भेजने के बाद उसमें बदलाव कर गलत जानकारी फैलाने या भ्रम की स्थिति पैदा करने की संभावना रहती है।
इसी वजह से फिलहाल इस सुविधा को अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला लिया गया है।

Telegram के CEO ने जताई नाराजगी
Telegram के संस्थापक और CEO पावेल ड्यूरोव ने भारत सरकार के इस फैसले पर प्रतिक्रिया भी दी है। उन्होंने इसे एक सख्त कदम बताते हुए कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इस तरह की कार्रवाई यूजर्स की स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकती है।
हालांकि भारतीय अधिकारियों का कहना है कि यह कदम केवल परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया था। सरकार का दावा है कि छात्रों के भविष्य और परीक्षा की निष्पक्षता से जुड़ा कोई भी जोखिम स्वीकार नहीं किया जा सकता।
Telegram यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर?
Telegram की वापसी के बाद अधिकांश सुविधाएं पहले की तरह काम करेंगी। यूजर्स चैट, चैनल, ग्रुप, फाइल शेयरिंग, वॉयस कॉल और वीडियो कॉल जैसी सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे। लेकिन मैसेज एडिट करने की सुविधा फिलहाल बंद रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में किसी प्रकार की सुरक्षा या दुरुपयोग की शिकायत नहीं मिलती है, तो 30 जून के बाद यह फीचर दोबारा शुरू किया जा सकता है।
क्या कहता है पूरा मामला?
यह घटना दिखाती है कि बड़े प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान सरकार अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी कड़ी निगरानी रख रही है। NEET जैसे राष्ट्रीय स्तर के एग्जाम में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
Telegram की वापसी से यूजर्स को राहत जरूर मिली है, लेकिन मैसेज एडिट फीचर पर लगी रोक यह भी संकेत देती है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए नियम और सख्त हो सकते हैं।
