Surajpur Police Attack: कोयला खदान सर्वे के दौरान पुलिस पर ग्रामीणों का हमला, DSP समेत 12 जवान घायल
Surajpur Police Attack: कोयला खदान के सीमांकन और सर्वे का विरोध कर रहे ग्रामीण हुए उग्र, पुलिस वाहनों पर पथराव, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
Surajpur Police Attack: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में कोयला खदान सर्वे के दौरान हालात अचानक हिंसक हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया, जिसमें DSP समेत 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए। आखिर क्यों भड़के ग्रामीण और अब प्रशासन का अगला कदम क्या होगा? पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
Surajpur Police Attack: सूरजपुर में हिंसक झड़प: कोयला खदान सर्वे के दौरान पुलिस पर हमला, DSP समेत 12 पुलिसकर्मी घायल
Surajpur Police Attack: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में कोयला खदान के सर्वे और सीमांकन के दौरान बड़ा बवाल हो गया। प्रतापपुर के मदन नगर क्षेत्र में खदान का विरोध कर रहे ग्रामीण अचानक उग्र हो गए और पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस घटना में DSP समेत 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस वाहनों पर भी पथराव किया गया, जिससे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई है।
कोयला खदान सर्वे के दौरान भड़का विवाद
जानकारी के अनुसार, प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम कोयला खदान के सीमांकन और सर्वे के लिए मौके पर पहुंची थी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था। जैसे ही सर्वे की प्रक्रिया शुरू हुई, खदान का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई।
DSP समेत 12 पुलिसकर्मी घायल
ग्रामीणों द्वारा किए गए पथराव और हमले में DSP सहित 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस की कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा है। घायलों का इलाज कराया जा रहा है।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सूरजपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) स्वयं मौके पर मौजूद हैं। उनके साथ राजस्व विभाग, प्रतापपुर और भैयाथान के SDM, तहसीलदार तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
4-5 आरोपियों की तलाश में पुलिस
पुलिस का कहना है कि गांव के कुछ लोगों के खिलाफ पहले से हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर मामलों में केस दर्ज हैं। इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस गांव पहुंची थी। पुलिस का दावा है कि इन्हीं गिरफ्तारियों का विरोध करते हुए कुछ ग्रामीण हिंसक हो गए।
पहले भी हो चुका है विरोध
स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से क्षेत्र में प्रस्तावित कोयला खदान का विरोध कर रहे हैं। इससे पहले भी कई बार प्रशासन और राजस्व विभाग सीमांकन के लिए पहुंचा, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण टीम को वापस लौटना पड़ा। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई, लेकिन अब तक कोई सहमति नहीं बन सकी है।

फिलहाल सीमांकन का काम रोका गया
तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए फिलहाल सीमांकन और सर्वे का काम रोक दिया गया है। पुलिस की एक टीम गांव में ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रही है। प्रशासन हालात सामान्य करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश में जुटा हुआ है।
स्थिति पर बनी हुई है नजर
फिलहाल पूरे इलाके में तनाव बना हुआ है। प्रशासन की कोशिश है कि बातचीत के जरिए स्थिति को नियंत्रित किया जाए। वहीं पुलिस हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
