NEET Controversy के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! हटाए गए Education Secretary Vineet Joshi
NEET Controversy और छात्रों के प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, उच्च शिक्षा विभाग में देर रात हुआ बड़ा बदलाव
NEET Controversy के बीच मोदी सरकार ने देर रात बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को हटाकर नई नियुक्ति कर दी गई। क्या इस बदलाव का संबंध शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक विवाद से है? जानिए पूरा मामला।
NEET Controversy के बीच बड़ा फैसला! हटाए गए शिक्षा सचिव विनीत जोशी, अब नरेश पाल गंगवार संभालेंगे जिम्मेदारी
NEET Controversy और छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। देर रात जारी आदेश के अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी (Vineet Joshi) को उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह नरेश पाल गंगवार (Naresh Pal Gangwar) को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देशभर में NEET पेपर लीक को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
देर रात जारी हुआ आदेश
केंद्र सरकार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, विनीत जोशी को उच्च शिक्षा विभाग से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे अब तक पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत थे।
कौन हैं नरेश पाल गंगवार?
नरेश पाल गंगवार 1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने 1993 में UPSC परीक्षा पास की थी। प्रशासनिक सेवा में लंबे अनुभव के बाद अब उन्हें देश के उच्च शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
इससे पहले वे पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव के रूप में कार्य कर रहे थे। अब वे उच्च शिक्षा विभाग की नीतियों और प्रशासन की कमान संभालेंगे।
विनीत जोशी को मिली नई जिम्मेदारी
1992 बैच के मणिपुर कैडर के IAS अधिकारी विनीत जोशी अब पंचायती राज मंत्रालय में सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। वे 31 जुलाई को मौजूदा सचिव विवेक भारद्वाज के सेवानिवृत्त होने के बाद औपचारिक रूप से यह पद ग्रहण करेंगे।
NEET विवाद के बीच आया बड़ा फैसला
यह प्रशासनिक बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। जंतर-मंतर समेत कई जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठ रही है। हालांकि, सरकार ने इस तबादले को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत जारी किया है और इसे आधिकारिक रूप से NEET विवाद से नहीं जोड़ा है।

पेपर लीक पर पीएम मोदी का बड़ा ऐलान
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक में शामिल दोषियों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए संबंधित विभागों को सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और जो भी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार का संदेश साफ
सरकार का कहना है कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। एक तरफ पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई और फास्ट-ट्रैक कोर्ट की तैयारी हो रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा मंत्रालय में यह बड़ा प्रशासनिक बदलाव भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
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