Surajpur Murder Case: सूरजपुर में बेटे ने की पिता की हत्या, जमीन विवाद में पेचकस से किया हमला, उम्रकैद की सजा
Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला हत्या का मामला सामने आया है। यहां जमीन के बंटवारे और मां के अंतिम संस्कार के लिए पैसे जुटाने को लेकर हुए विवाद में एक बेटे ने अपने ही 80 वर्षीय पिता की हत्या कर दी थी। आरोपी ने शराब के नशे में पिता पर हमला करते हुए उनके शरीर में पेचकस घोंप दिया था। इस जघन्य हत्याकांड में अदालत ने आरोपी बेटे को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास और 2,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मां के अंतिम संस्कार के लिए जमीन बेचना चाहता था बेटा
मामला छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुनमेरो का है। जानकारी के अनुसार, आरोपी धरम सिंह (40 वर्ष) अपनी मां के अंतिम संस्कार के लिए पैसों की व्यवस्था करना चाहता था। आर्थिक तंगी के चलते मां का अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा था। इसी वजह से वह अपने हिस्से की जमीन बेचना चाहता था।
हालांकि, उसके पिता रामविलास सिंह (80 वर्ष) जमीन बेचने के पक्ष में नहीं थे। इसी बात को लेकर पिता और बेटे के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने अपने ही पिता के साथ मारपीट शुरू कर दी।
शराब के नशे में पिता पर किया पेचकस से हमला
बताया जा रहा है कि यह घटना 7 मई 2026 की शाम करीब 3 बजे की है। जमीन बेचने को लेकर पिता द्वारा इनकार किए जाने से नाराज धरम सिंह ने शराब के नशे में उनके साथ मारपीट की। इसके बाद उसने लोहे का पेचकस पिता के शरीर में घोंप दिया।
हमले में गंभीर रूप से घायल रामविलास सिंह की मौत हो गई। जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद इस तरह परिवार के बुजुर्ग सदस्य की हत्या में बदल गया।
छोटे बेटे ने पुलिस को दी सूचना, आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद मृतक के छोटे बेटे करम सिंह ने पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
पुलिस ने आरोपी धरम सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या करना स्वीकार किया। इसके बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने खून से सने कपड़े, कुदाल और वारदात में इस्तेमाल किया गया पेचकस बरामद किया।
कोर्ट ने सुनाई आजीवन सश्रम कारावास की सजा
इस हत्याकांड की सुनवाई सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश महेश कुमार राज की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को दोषी ठहराया।
अदालत ने टिप्पणी की कि माता-पिता की सेवा करने की उम्र में जमीन के विवाद को लेकर पिता की इस तरह हत्या करना अत्यंत अमानवीय कृत्य है।
इसके बाद न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत आरोपी धरम सिंह को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 2,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
जुर्माना नहीं भरने पर भुगतनी होगी एक साल की अतिरिक्त सजा
अदालत ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि यदि आरोपी निर्धारित 2,000 रुपये का जुर्माना जमा नहीं करता है, तो उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इस फैसले के बाद सूरजपुर के इस हत्याकांड की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। जमीन और पारिवारिक विवाद में अपने ही पिता की जान लेने वाले आरोपी को अब शेष जीवन जेल में बिताना होगा।
