अनदेखी का अंजाम: खरीदी केंद्र में ही सड़ गया करोड़ों का धान, अफसर छिपाते रहे गड़बड़ी!

कवर्धा

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कवर्धा: जिले में धान उपार्जन केंद्रों की स्थिति बेहद चिंताजनक और चौंकाने वाली है। एक ओर जहां करोड़ों रुपये का धान रहस्यमय तरीके से गायब हो रहा है, वहीं दूसरी ओर हजारों क्विंटल धान पिछले 8 महीनों से उठाव न होने के कारण सड़ चुका है।

बघर्रा केंद्र में बर्बादी का दिल दहला देने वाला दृश्य

पंडरिया विकासखंड के बघर्रा संग्रहण केंद्र का दृश्य देखकर कोई भी हैरान रह जाए। खुले में पड़ा हजारों क्विंटल धान पूरी तरह सड़ चुका है। हालात इतने खराब हैं कि लगातार बारिश के चलते धान में अंकुरण तक आ गया है। कृषि विशेषज्ञों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यहां करोड़ों रुपये का धान पूरी तरह बर्बाद हो चुका है।

क्या सड़े धान से बन रहा है चावल?

इस पूरे मामले में सबसे गंभीर सवाल यह है कि क्या सड़ा हुआ धान चावल बनाकर पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) के जरिए आम लोगों तक भेजा जाएगा? यदि ऐसा हुआ, तो यह न केवल किसानों की मेहनत के साथ धोखा होगा, बल्कि गरीबों की सेहत के साथ भी बड़ा खिलवाड़ होगा। इस तरह का चावल खाने से गंभीर बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो सकता है।

जिम्मेदारी तय होनी चाहिए

इतनी बड़ी लापरवाही के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की चुप्पी सवालों के घेरे में है। ऐसा लग रहा है कि वे इस बर्बादी को छिपाने की कोशिश में जुटे हैं।

अब बड़ा सवाल यही है कि –

इस गड़बड़ी का जिम्मेदार कौन है?
क्या दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी?
कब तक किसान और आम जनता इस लापरवाही की कीमत चुकाते रहेंगे?

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