Salim Dola Extradition:दाऊद का राइट हैंड भारत लाया गया, ड्रग नेटवर्क पर बड़ा एक्शन
Salim Dola Extradition में तुर्की से गिरफ्तार ड्रग डॉन को भारत लाया गया। D-Company के बड़े नेटवर्क का खुलासा, एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई।
Salim Dola Extradition को लेकर भारत की सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। कुख्यात ड्रग डॉन और दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी सलीम डोला को तुर्की से गिरफ्तार कर भारत लाया गया है। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाए गए एक बड़े ऑपरेशन का हिस्सा है, जिसमें भारतीय खुफिया एजेंसियों ने विदेशी एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया।
आरोपी को तुर्की के इस्तांबुल से गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसे दिल्ली के टेक्निकल एयरपोर्ट पर डिपोर्ट किया गया। बताया जा रहा है कि उसे एक विशेष विमान के जरिए भारत लाया गया, जहां फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है।
तुर्की से भारत तक ऑपरेशन
Salim Dola Extradition एक लंबे समय से चल रहे अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन का नतीजा है। भारतीय एजेंसियों ने इंटरनेशनल एजेंसियों के साथ मिलकर सटीक जानकारी जुटाई और उसके बाद तुर्की में कार्रवाई की गई।
गिरफ्तारी के बाद सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए उसे भारत डिपोर्ट किया गया। यह ऑपरेशन भारतीय एजेंसियों की वैश्विक पहुंच और समन्वय को दर्शाता है।
D-Company से जुड़ा बड़ा नाम
Salim Dola Extradition इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि डोला को दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क ‘D-Company’ का महत्वपूर्ण सदस्य माना जाता है। वह भारत में ड्रग्स के बड़े नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
एजेंसियों के अनुसार, वह विदेश में बैठकर अपने सहयोगियों के जरिए देश के कई राज्यों में नशीले पदार्थों की सप्लाई करता था।
दिल्ली एयरपोर्ट पर लाया गया
Salim Dola Extradition के तहत आरोपी को दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। एयरपोर्ट पर ही खुफिया एजेंसियों ने उसे अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
पूछताछ पूरी होने के बाद उसे मुंबई पुलिस को सौंपा जाएगा, जहां उसके खिलाफ पहले से दर्ज मामलों में आगे की कार्रवाई होगी।

NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई
Salim Dola Extradition से पहले भारतीय एजेंसियों ने उसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस एक्ट (NDPS Act) के तहत कार्रवाई शुरू की थी।
इसी के तहत प्रत्यर्पण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया और आखिरकार उसे भारत वापस लाने में सफलता मिली। यह ड्रग्स के खिलाफ भारत की सख्त नीति को दर्शाता है।
2024 में सामने आया नेटवर्क
Salim Dola Extradition से जुड़ा मामला साल 2024 में उस समय चर्चा में आया जब मुंबई क्राइम ब्रांच ने 4 किलोग्राम MD ड्रग्स की बड़ी खेप जब्त की थी।
जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क भारत से लेकर UAE और तुर्की तक फैला हुआ था। इस अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन को डोला अपने सहयोगियों के जरिए संचालित कर रहा था।
परिवार के सदस्य भी गिरफ्त में
Salim Dola Extradition से पहले एजेंसियों ने उसके नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की थी। पिछले साल उसके बेटे ताहिर और भतीजे मुस्तफा मोहम्मद कुब्बावाला को इंटरपोल की मदद से UAE से डिपोर्ट किया गया था।
इस कार्रवाई से उसके नेटवर्क को बड़ा झटका लगा था और उसकी गतिविधियां कमजोर पड़ गई थीं।
पुराना आपराधिक इतिहास
Salim Dola Extradition ने एक बार फिर उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को भी चर्चा में ला दिया है। डोला को पहली बार 1998 में मुंबई एयरपोर्ट पर 40 किलोग्राम मैंड्रेक्स के साथ गिरफ्तार किया गया था।
बताया जाता है कि सलीम मिर्ची के बाद उसने D-Company के ड्रग्स ऑपरेशन्स की जिम्मेदारी संभाली थी और धीरे-धीरे एक बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया।
अमित शाह का बयान
Salim Dola Extradition पर गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि भारत की एजेंसियां अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ मजबूत कार्रवाई कर रही हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की है और अपराधियों को कहीं भी छिपने नहीं दिया जाएगा।
आगे क्या
Salim Dola Extradition के बाद अब जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। उम्मीद है कि इससे अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क, सप्लाई चेन और अन्य सहयोगियों के बारे में बड़े खुलासे हो सकते हैं।
यह भी संभावना है कि इस केस में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
Salim Dola Extradition भारत के लिए एक बड़ी रणनीतिक और सुरक्षा सफलता के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय अपराध के खिलाफ भारत की स्थिति भी मजबूत होगी।
अब सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि पूछताछ के जरिए इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाए और उसे पूरी तरह खत्म किया जाए।
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