भारतमाला मुआवजा घोटाले में बड़ा एक्शन: अजय चंद्राकर के करीबी रिश्तेदारों पर ED-EOW के छापे
छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले को लेकर सोमवार को बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। ED-EOW (प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) ने संयुक्त रूप से कई ठिकानों पर छापेमारी की, जिससे सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इस कार्रवाई का दायरा उन लोगों तक पहुंचा है, जिन्हें पूर्व मंत्री Ajay Chandrakar के करीबी रिश्तेदार बताया जा रहा है।
कुरूद में मुख्य ठिकानों पर छापे
ED-EOW जांच एजेंसियों ने धमतरी जिले के कुरूद क्षेत्र में प्रमुख कार्रवाई की। यहां Bhupendra Chandrakar के निवास पर छापा मारा गया, जो पूर्व मंत्री के चचेरे भाई बताए जाते हैं। इसके अलावा पूर्व राइस मिल संघ से जुड़े Roshan Chandrakar के ठिकानों पर भी तलाशी अभियान चलाया गया। बताया जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण में हुए मुआवजा वितरण से जुड़े कथित घोटाले की जांच का हिस्सा है।
प्रभाव का इस्तेमाल कर दिलाया गया मुआवजा?
ED-EOW जांच एजेंसियों को मिली शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने अपने पद और पहुंच का इस्तेमाल करते हुए जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में अनियमितताएं कीं। बताया जा रहा है कि अभनपुर सहित कई तहसीलों में करीबी व्यक्तियों को करोड़ों रुपये का मुआवजा दिलाया गया। आरोप यह भी है कि कई मामलों में नियमों को नजरअंदाज कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मुआवजा स्वीकृत कराया गया।
किन-किन इलाकों में सामने आए आरोप
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रायपुर जिले के अभनपुर क्षेत्र के कायाबांधा गांव में बड़े पैमाने पर संदिग्ध परिस्थितियों में मुआवजा बांटे जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव के देवादा और मगरलोड तहसील में भी इसी तरह की अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। ED-EOW जांच एजेंसियां अब इन सभी स्थानों पर हुए वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं।

दस्तावेजों और लेनदेन की गहन पड़ताल
ED-EOW की टीमें छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूत जुटा रही हैं। माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों से यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन लोगों को किस आधार पर मुआवजा दिया गया और क्या इसमें नियमों का उल्लंघन हुआ। ED-EOW जांच एजेंसियां बैंक खातों, जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में लगी हैं।
सियासी हलचल तेज
ED-EOW कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होने की संभावना जताई जा रही है। चूंकि मामला पूर्व मंत्री के करीबी लोगों से जुड़ा बताया जा रहा है, इसलिए यह राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील हो गया है।
और बड़े खुलासों की संभावना
ED-EOW एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो इस मामले में कई और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। साथ ही मुआवजा वितरण की पूरी प्रक्रिया की जांच का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।

भारतमाला परियोजना का उद्देश्य और सवाल
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना का उद्देश्य देशभर में सड़क नेटवर्क को मजबूत करना और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। इसके तहत बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण किया जाता है, जिसमें प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जाता है। लेकिन इस तरह के आरोप सामने आने से परियोजना की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
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