Bhanupratappur Mine Protest: सांसद के बयान से नाराज मजदूरों ने खदान में उत्पादन रोका, ग्रामीणों ने अधिकारी का किया सम्मान

Bhanupratappur Mine Protest

Bhanupratappur Mine Protest के तहत सांसद भोजराज नाग के बयान से नाराज मजदूरों ने उत्पादन ठप किया, ग्रामीणों ने अधिकारी का सम्मान कर जताया विरोध।

 

Bhanupratappur Mine Protest के चलते छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में माहौल गरमा गया है।यह स्थिति उस वक्त बनी जब आरी डोंगरी लौह खदान में मलबा धसकने की घटना के बाद पहुंचे कांकेर सांसद भोजराज नाग द्वारा खदान प्रबंधन के खिलाफ कथित अपशब्द कहे गए।

बता दें कि यह पहला मौका नहीं है, जब सांसद भोजराज नाग गलत वजह से सुर्खियों में हों. इसके पहले भी वे सार्वजनिक तौर पर अधिकारियों-ठेकेदारों को अपशब्द कह चुके हैं. लेकिन सांसद होने के कारण लोग शिकायत लेकर पुलिस-प्रशासन तक नहीं जाते और पुलिस-प्रशासन भी इसी की आड़ में कोई भी कार्रवाई नहीं कर पाती. लेकिन ताजा घटनाक्रम से लग रहा है कि अब लोगों का गुस्सा बाहर निकलने लगा है.

मजदूरों ने रोका उत्पादन

Bhanupratappur Mine Protest के तहत सांसद के बयान से नाराज मजदूरों ने खदान में काम पूरी तरह ठप कर दिया। खदान में काम करने वाले श्रमिकों का कहना है कि इस तरह की भाषा का उपयोग सार्वजनिक मंच पर नहीं किया जाना चाहिए।

 

इस Protest के कारण खदान में उत्पादन रुक गया, जिससे स्थानीय स्तर पर गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। मजदूरों और ट्रांसपोर्टरों ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया।

 

ग्रामीणों की बड़ी सभा

Bhanupratappur Mine Protest के बीच ग्राम पर्रेकोडो में एक बड़ी सभा आयोजित की गई, जिसमें करीब 1000 से अधिक ग्रामीण शामिल हुए। इस सभा में खदान से जुड़े मजदूर और ट्रांसपोर्टर भी मौजूद रहे।

 

सभा के दौरान लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी और  जनप्रतिनिधियों को मर्यादा में रहकर बयान देने की नसीहत दी। ग्रामीणों ने कहा कि खदान शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार और विकास के अवसर बढ़े हैं।

 

अधिकारी का किया सम्मान

Bhanupratappur Mine Protest की सबसे खास बात यह रही कि जिन अधिकारी बीपी पाही को सांसद द्वारा अपशब्द कहे गए थे, ग्रामीणों ने उन्हीं का सार्वजनिक रूप से सम्मान किया। यह सम्मान समारोह विरोध का प्रतीक बन गया।

 

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि किसी भी अधिकारी या व्यक्ति के साथ अभद्र व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा।

 

सांसद के बयान पर बढ़ा विवाद

Bhanupratappur Mine Protest के चलते सांसद भोजराज नाग के बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए संयमित भाषा का प्रयोग करना चाहिए।

 

यह भी दिखाया कि अब स्थानीय लोग अपने अधिकारों और सम्मान के मुद्दे पर खुलकर सामने आ रहे हैं।

 

Bhanupratappur Mine Protest

पहले भी विवादों में रहे सांसद

Bhanupratappur Mine Protest के बीच यह भी चर्चा में है कि यह पहला मौका नहीं है जब सांसद भोजराज नाग अपने बयानों को लेकर विवादों में आए हैं। इससे पहले भी वे सार्वजनिक मंचों पर अधिकारियों और ठेकेदारों को लेकर तीखी भाषा का इस्तेमाल कर चुके हैं।

 

हालांकि  Protest के बाद लोगों का गुस्सा पहले से ज्यादा खुलकर सामने आया है, जो प्रशासन और राजनीति दोनों के लिए संकेत माना जा रहा है।

 

प्रशासन की स्थिति

Bhanupratappur Mine Protest के दौरान यह भी सामने आया कि सांसद होने के कारण लोग सीधे शिकायत दर्ज कराने से बचते हैं। वहीं प्रशासन भी कई बार ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं कर पाता।

 

लेकिन ताजा घटनाक्रम से संकेत मिल रहे हैं कि अब जनता अपने स्तर पर विरोध दर्ज कराने के लिए आगे आ रही है।

 

Bhanupratappur Mine Protest ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनप्रतिनिधियों के व्यवहार पर जनता की नजर रहती है। इस घटना ने सामाजिक सम्मान, जिम्मेदारी और संवाद की मर्यादा को लेकर एक बड़ा संदेश दिया है।

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