सरकारी अस्पतालों की दवाओं पर उठे सवाल, कांग्रेस ने राज्यपाल से की जांच की मांग
छत्तीसगढ़ में सरकारी अस्पतालों में वितरित की जा रही दवाओं की गुणवत्ता को लेकर कांग्रेस ने गंभीर चिंता जताई है। पार्टी नेताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि मेडिकल संस्थानों में मरीजों को निम्न गुणवत्ता की दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अमानक दवाओं की सप्लाई का लगाया आरोप
ज्ञापन में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन द्वारा अस्पतालों में भेजी जाने वाली कुछ दवाओं को बाद में गुणवत्ता परीक्षण में मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। ऐसे मामलों में संबंधित दवाओं को वापस मंगाने और वितरण रोकने के आदेश भी जारी किए गए। कांग्रेस का आरोप है कि कार्रवाई होने तक बड़ी संख्या में मरीज इन दवाओं का उपयोग कर चुके होते हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों ने भी जताई आशंका
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि कई अस्पतालों में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीजों में दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव देखने के बाद उनकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ऐसी शिकायतें सामने आने के बावजूद मामले में अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई।
दवाओं के रखरखाव पर भी सवाल
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई स्थानों पर दवाओं को आवश्यक मानकों के अनुरूप सुरक्षित नहीं रखा जाता, जिससे उनकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है। कांग्रेस का कहना है कि दवाओं के भंडारण और वितरण व्यवस्था की भी जांच की जानी चाहिए।
जांच समिति गठित करने की मांग
पार्टी ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि पूरे मामले की स्वतंत्र जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन कराया जाए। साथ ही मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सप्लाई की जा रही दवाओं की गुणवत्ता की व्यापक समीक्षा कराई जाए।
मरीजों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला
कांग्रेस का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले अधिकांश मरीज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं। ऐसे में उन्हें गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पार्टी ने राज्य सरकार को आवश्यक निर्देश जारी कर स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है।
