Pune Spurious Liquor Tragedy 2026: जहरीली शराब से 15 लोगों की मौत, मेथेनॉल मिलावट का खुलासा, 8 आरोपी गिरफ्तार

Pune Spurious Liquor Tragedy 2026

Pune Spurious Liquor Tragedy 2026 में पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में जहरीली शराब पीने से 15 लोगों की मौत हो गई। जांच में मेथेनॉल मिलावट का खुलासा हुआ है और अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

 

जहरीली शराब कांड से मचा हड़कंप

Pune Spurious Liquor Tragedy 2026 ने महाराष्ट्र में सनसनी फैला दी है। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में पिछले तीन दिनों के दौरान जहरीली शराब पीने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

जांच में सामने आया है कि शराब में अत्यधिक मात्रा में मेथेनॉल मिलाया गया था, जिसके कारण यह हादसा हुआ।

 

मेथेनॉल मिलावट बनी मौतों की वजह

Pune Spurious Liquor Tragedy 2026 की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अवैध शराब में जरूरत से ज्यादा मेथेनॉल मिलाया गया था।

अधिकारियों के अनुसार, मेथेनॉल की अधिक मात्रा मिलाने से शराब की मात्रा लगभग दोगुनी हो जाती थी, जिससे आरोपियों को अधिक मुनाफा मिलता था। हालांकि यही मिलावट लोगों की मौत का कारण बन गई।

 

जांच में सामने आए मुख्य आरोपी

पुलिस जांच के मुताबिक, पुणे के उरळी कांचन गांव निवासी राधेश्याम प्रजापती कथित रूप से अवैध शराब तैयार करने का काम करता था।

Pune Spurious Liquor Tragedy 2026 मामले में सामने आया है कि योगेश वानखेड़े नामक व्यक्ति इस शराब को खरीदकर पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के विभिन्न ठिकानों तक पहुंचाता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार योगेश के खिलाफ शराब तस्करी से जुड़े कई मामले पहले से दर्ज हैं।

 

अधिक मुनाफे के लिए बढ़ाई गई मेथेनॉल की मात्रा

जांच एजेंसियों का मानना है कि अधिक लाभ कमाने के उद्देश्य से शराब में मेथेनॉल की मात्रा निर्धारित सीमा से कहीं अधिक बढ़ा दी गई थी।

Pune Spurious Liquor Tragedy 2026 में इसी लापरवाही और लालच ने कई परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी। विशेषज्ञों के अनुसार मेथेनॉल युक्त शराब का सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और मृत्यु का कारण बन सकता है।

 

अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Pune Spurious Liquor Tragedy 2026 के तहत अब तक कुल 8 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। इनमें पिंपरी-चिंचवड़ से 6 और पुणे से 2 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश भी कर रही है।

 

मुख्यमंत्री ने दिए जांच के निर्देश

घटना की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने भी सख्त रुख अपनाया है।

Pune Spurious Liquor Tragedy 2026 को लेकर मुख्यमंत्री ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के पुलिस आयुक्तों को मौतों के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

 

विभागीय कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

जहरीली शराब कांड के बाद संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

Pune Spurious Liquor Tragedy 2026 के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था मजबूत की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

 

मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका

स्थानीय लोगों का दावा है कि मृतकों की वास्तविक संख्या और बढ़ सकती है।

Pune Spurious Liquor Tragedy 2026 मामले में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रभावित लोगों की निगरानी कर रहे हैं। कई लोगों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में जारी है, जिससे प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।

Read more- 

Pune Rave Party: दिग्गज नेता एकनाथ का दामाद रेव पार्टी में रंगे हाथ पकड़ा गया, ड्रग्स-शराब-हुक्का बरामद, महाराष्ट्र की सियासत में खलबली

 

Youthwings