पाकिस्तान का अफगान सीमा पर बड़ा सैन्य अभियान, 29 लोगों के मारे जाने का दावा; कराची हमले के बाद एक्शन
कराची में पाकिस्तान रेंजर्स मुख्यालय पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान सीमा के पास बड़ा सैन्य अभियान चलाने का दावा किया है। पाकिस्तान के अनुसार कार्रवाई में 29 लोग मारे गए और आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
कराची/ पाकिस्तान -Pakistan Afghanistan border operation: कराची हमले के बाद पाकिस्तान का बड़ा सैन्य अभियान, सीमा पार कार्रवाई में 29 लोगों के मारे जाने का दावा
कराची में पाकिस्तान रेंजर्स (सिंध) मुख्यालय पर हुए आत्मघाती आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान सीमा से लगे क्षेत्रों में बड़े सैन्य अभियान का दावा किया है। पाकिस्तान सरकार के अनुसार सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर जमीनी अभियान चलाने के बाद सीमा के पास कथित आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। इस कार्रवाई में 29 लोगों के मारे जाने का दावा किया गया है।
कराची हमले के बाद शुरू हुआ अभियान
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने बताया कि हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और कराची में सुरक्षा बलों पर हुए आतंकी हमलों के जवाब में यह अभियान शुरू किया गया। उनके अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर सीमा क्षेत्र में कार्रवाई की गई।
सरकार का कहना है कि अभियान का उद्देश्य पाकिस्तान के भीतर सक्रिय आतंकी नेटवर्क को कमजोर करना है।
जमात-उल-अहरार और टीटीपी से जुड़े ठिकानों को बनाया निशाना
सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार के मुताबिक अभियान के दौरान जमात-उल-अहरार और फितना अल-खवारिज के ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान सरकार “फितना अल-खवारिज” शब्द का इस्तेमाल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लिए करती है।
पाकिस्तान का दावा है कि सुरक्षा बलों ने सुनियोजित तरीके से अभियान चलाया और कई ठिकानों को नष्ट किया।
29 लोगों के मारे जाने का दावा
पाकिस्तान सरकार के अनुसार सीमा क्षेत्र में चलाए गए सैन्य अभियान और हवाई हमलों में 29 लोगों की मौत हुई है। हालांकि, स्वतंत्र स्रोतों से इस दावे की पुष्टि नहीं हो सकी है।
अभी तक अफगानिस्तान की ओर से इस कार्रवाई और हताहतों को लेकर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कराची में रेंजर्स मुख्यालय पर हुआ था हमला
यह सैन्य कार्रवाई कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय पर हुए आत्मघाती हमले के एक दिन बाद की गई। पाकिस्तान के अनुसार हथियारों और विस्फोटकों से लैस आतंकियों ने मुख्यालय को निशाना बनाया, जिसमें तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई।
इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली थी, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से अलग हुआ संगठन माना जाता है।
सीमा पार कार्रवाई पर फिर उठे सवाल
पाकिस्तान की इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर अफगानिस्तान सीमा पर सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। इससे पहले भी दोनों देशों के बीच सीमा पार अभियानों और सुरक्षा मुद्दों को लेकर तनाव देखने को मिलता रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अभियानों से दोनों देशों के संबंधों पर असर पड़ सकता है और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
पाकिस्तान का बयान
सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि पाकिस्तान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार ने कहा कि यह अभियान पूरी तरह खुफिया सूचनाओं पर आधारित था और इसका उद्देश्य आतंकी नेटवर्क को कमजोर करना है।
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