अब हनुमान जी भी BJP प्रचारक? नितिन नवीन के रोड शो को लेकर क्यों मचा बवाल? जानिए पूरा मामला

BJP अध्यक्ष के रोड शो में सामने आया हनुमान स्वरूप में नाचता युवक, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, AAP प्रमुख ने लगाया आस्था का अपमान करने का आरोप

 

लखनऊ : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दो दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे का पहला दिन भव्य रोड शो के साथ शुरू हुआ, लेकिन यह शो अब देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। सवाल उठ रहा है क्या हनुमान जी भी अब BJP के प्रचारक बन गए हैं?

 

एयरपोर्ट से BJP प्रदेश मुख्यालय तक चले 18 किलोमीटर लंबे रोड शो में नितिन नवीन की ओपन वैन के ठीक आगे एक व्यक्ति पूरे हनुमान जी के स्वरूप में नाचता-कूदता आगे बढ़ रहा था। लाल चोला, पूंछ, माला और गदा के साथ वह BJP का झंडा हाथ में लेकर पूरे उत्साह से नृत्य कर रहा था। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और अब लाखों लोगों के बीच बहस का केंद्र है।

 

नितिन नवीन इस दौरान समर्थकों का अभिवादन करते नजर आए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित बड़े Leaders ने उनका स्वागत किया। पार्टी इसे संगठनात्मक कार्यक्रम बता रही है, लेकिन विपक्ष इसे हिंदू आस्था का राजनीतिक दुरुपयोग मान रहा है।

 

केजरीवाल का तीखा हमला

AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दो पोस्ट करके BJP पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने लिखा

 

“ये दोनों तस्वीरें हिंदू आस्था के प्रति दो विचारधाराओं की प्रतीक हैं। हमारी विचारधारा हम भगवान राम और हनुमान जी के भक्त हैं… हम उन्हें पूजते हैं, सर झुकाते हैं। इनकी विचारधारा ये लोग हनुमान जी और रामचंद्र जी को भगवान ही नहीं मानते। इनके लिए राम और हनुमान सत्ता और पैसा पाने का जरिया हैं। शर्म आती है आपको?”

 

दूसरे पोस्ट में उन्होंने और तेज स्वर में कहा, “जितना नुकसान और अपमान आप लोगों ने हिंदू धर्म का किया है, शायद 5000 वर्ष के इतिहास में बाहर से आने वाले आतताइयों ने भी नहीं किया… हिंदू धर्म पर आप लोग कलंक हैं। माफी मांगिए पूरे हिंदू समाज से।”

https://x.com/ArvindKejriwal/status/2073967746807984208?s=20

 भक्ति या राजनीति?

हनुमान जी को भारतीय संस्कृति में शक्ति, भक्ति, वफादारी और संयम का प्रतीक माना जाता है। उन्हें किसी राजनीतिक दल का झंडा लेकर नचाना कई लोगों को आहत कर रहा है। सोशल मीडिया पर यूजर्स लिख रहे हैं “हनुमान जी को भी प्रचारक बना दिया?”, “अब देवता चुनाव लड़ेंगे क्या?” कुछ लोग इसे “भक्तिमय स्वागत” बता रहे हैं तो कुछ इसे अशोभनीय बता रहे हैं।

 

BJP की राजनीति में धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल नया नहीं है। राम मंदिर आंदोलन, जय बजरंगबली नारे, हनुमान चालीसा पाठ ये सब चुनावी रणनीति का हिस्सा रहे हैं। नितिन नवीन, जो हाल ही में पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं, इस दौरे को 2027 UP चुनाव की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

 

विश्लेषक कहते हैं कि BJP हिंदुत्व को अपने मुख्य ब्रांड के रूप में इस्तेमाल करती है, लेकिन कभी-कभी यह सीमा पार कर जाता है। हनुमान जी जैसी पवित्र छवि को पार्टी प्रचार में बदलना आस्था के शोषण जैसा लगता है।

 

क्या कहती है पार्टी?

अभी तक BJP की तरफ से कोई औपचारिक सफाई नहीं आई है। पार्टी समर्थक इसे “जन उत्साह और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति” बता रहे हैं। नितिन नवीन ने लखनऊ में हनुमान सेतु मंदिर में पूजा भी की और UP की समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा।

 

यह घटना एक बार फिर सवाल उठाती है राजनीति और धर्म की सीमा कहां है? हनुमान जी सभी के आराध्य हैं। उन्हें किसी एक पार्टी का प्रचारक बनाना सही है या नहीं?

 

देश इस वीडियो और बहस पर नजर रखे हुए है। क्या BJP इस पर कोई बयान देगी या विवाद को अपने फायदे में मोड़ लेगी? समय बताएगा।

 

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