Sukma में अज्ञात बीमारी का कहर जारी, हाथ-पैर सूजन से युवक की मौत, 6 ग्रामीण भर्ती
Sukma / बस्तर। बस्तर संभाग के सुकमा जिले में अज्ञात बीमारियों से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगभग हर वर्ष जिले के अलग-अलग गांवों से अचानक मौतों की खबरें सामने आती हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन जाता है। इसी कड़ी में इस वर्ष सुकमा के डब्बामरका गांव से एक और मामला सामने आया है, जहां हाथ-पैर में सूजन की गंभीर बीमारी से एक युवक की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग इसी बीमारी से पीड़ित पाए गए हैं।
डब्बामरका निवासी 27 वर्षीय वेट्टी मुंडा पिछले तीन दिनों से हाथ और पैरों में तेज सूजन व दर्द से पीड़ित था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे कोंटा ब्लॉक के पोटकपल्ली अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन शाम करीब छह बजे रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
युवक की मौत की सूचना मिलते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल डब्बामरका गांव पहुंची, जहां जांच के दौरान छह अन्य ग्रामीणों में भी इसी तरह के लक्षण पाए गए। सभी को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सुकमा जिले में पिछले पांच वर्षों से अज्ञात बीमारियों से मौतों का सिलसिला बना हुआ है। अक्सर तब प्रशासन सक्रिय होता है, जब अचानक बीमार पड़ने के बाद मौतें हो जाती हैं। बावजूद इसके, अब तक इन मामलों का कोई ठोस कारण सामने नहीं आ पाया है और न ही डॉक्टर किसी एक बीमारी को इसकी स्पष्ट वजह बता सके हैं।
स्थानीय स्तर पर कई संभावनाओं पर चर्चा हो रही है। आशंका जताई जा रही है कि आयरन युक्त या दूषित पानी के सेवन से इस तरह की बीमारियां फैल सकती हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग का यह भी कहना है कि गांवों में बनने वाली महुआ शराब का अत्यधिक सेवन किडनी पर असर डाल सकता है, जिससे हाथ-पैर में सूजन की समस्या उत्पन्न होती है। कुछ मामलों में महुआ शराब में नशा बढ़ाने के लिए यूरिया मिलाए जाने की आशंका भी जताई गई है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में डटी हुई है और पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
2020 से 2026 तक अज्ञात बीमारियों से मौतों के आंकड़े (दावा और रिकॉर्ड)
2020–2022
- स्थानीय लोगों का दावा: 61 मौतें
- प्रशासनिक रिकॉर्ड: विभिन्न कारणों से 47 मौतें
- लक्षण: पेट दर्द, हाथ-पैर में सूजन
- किसी एक कारण की पुष्टि नहीं
अक्टूबर 2022
- करीब 20 मौतों की खबरें
- लक्षण: बुखार, उल्टी, दस्त और सूजन
- बीमारी का नाम स्पष्ट नहीं
अक्टूबर 2024
- 15 दिनों में लगभग 7 मौतें
- कुछ मामलों में BV और उच्च रक्तचाप कारण बताए गए
- शेष मौतें अस्पष्ट, दूषित पानी की आशंका
मार्च 2025
- एक महीने में 13 मौतें
- कुछ मामलों को उम्र-संबंधित बताया गया
- कई कारण अब भी अज्ञात
जनवरी 2026
- 6 जनवरी को एक युवक की मौत
- कारण: हाथ-पैर में सूजन
- 6 ग्रामीण अस्पताल में भर्ती
