Mule Account Syndicate: बिलासपुर पुलिस ने साइबर ठगी नेटवर्क का किया खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार
Mule Account Syndicate मामले में बिलासपुर पुलिस ने अंबिकापुर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते गिरोहों को उपलब्ध कराते थे।
साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस को बड़ी सफलता
Mule Account Syndicate मामले में बिलासपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तारबाहर पुलिस ने साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी साइबर अपराधियों को कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवनीत मिश्रा उर्फ विक्की पंडित, ऋषभ साहू और राजा घरानी के रूप में हुई है। तीनों आरोपियों को अंबिकापुर से गिरफ्तार किया गया है।
साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क संचालित
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी साइबर अपराधियों के लिए “स्लीपर सेल” की तरह काम कर रहे थे। ये लोग सामान्य लोगों के बैंक खातों को कमीशन के एवज में लेकर साइबर ठगी करने वाले गिरोहों तक पहुंचाते थे।
Mule Account Syndicate के तहत इस्तेमाल किए जाने वाले इन खातों का उपयोग देशभर में ठगी की रकम ट्रांसफर करने और नकदी निकालने के लिए किया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। फिलहाल इन मोबाइल फोनों की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिल सके।
व्हाट्सएप के जरिए साझा करते थे बैंक खातों की जानकारी
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी मोबाइल फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से बैंक खातों की जानकारी एक-दूसरे के साथ साझा करते थे।
Mule Account Syndicate मामले में पुलिस को अब तक ऐसे कई बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनका संबंध देशभर में दर्ज 60 से अधिक साइबर फ्रॉड शिकायतों से जुड़ा हुआ है।
पुलिस का अनुमान है कि इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी की रकम का लेनदेन किया गया है।
पहले गिरफ्तार आरोपी से मिला बड़ा सुराग
पुलिस के मुताबिक इस पूरे नेटवर्क का खुलासा पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी दीपेश गुप्ता से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर हुआ।
दीपेश गुप्ता के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डाटा की जांच के दौरान कई संदिग्ध बैंक खातों और संपर्कों की जानकारी सामने आई थी।
Mule Account Syndicate की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने अंबिकापुर में दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
देशभर में फैला हो सकता है नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क केवल एक शहर तक सीमित नहीं है। जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि इस सिंडिकेट के तार देश के कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं।
Mule Account Syndicate मामले में पुलिस अब बैंक खातों के लेनदेन, मोबाइल डेटा और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
साइबर अपराधियों के लिए काम करते थे आरोपी
पुलिस का कहना है कि आरोपी सीधे तौर पर साइबर ठगी नहीं करते थे, बल्कि वे साइबर गिरोहों को बैंक खाते उपलब्ध कराकर ठगी के पैसे को सुरक्षित तरीके से ट्रांसफर करने में मदद करते थे।
विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे “म्यूल अकाउंट” साइबर अपराध की बड़ी कड़ी माने जाते हैं, क्योंकि इनके जरिए ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर ट्रैकिंग से बचने की कोशिश की जाती है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
Mule Account Syndicate मामले के बाद पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या मोबाइल बैंकिंग की जानकारी दूसरे लोगों के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार लोगों को लालच देकर या कमीशन का झांसा देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल अपराध में किया जाता है।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल तारबाहर पुलिस पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सिंडिकेट से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
Mule Account Syndicate मामले में पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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