किसानों का महाप्रदर्शन… हजारों ट्रैक्टरों के साथ किया चक्काजाम, सरकार को दी आर-पार की चेतावनी
खाद संकट, महंगाई और एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर हजारों किसान सड़कों पर उतरे
गरियाबंद जिले में खाद संकट, महंगाई और किसानों की उपेक्षा के खिलाफ शुक्रवार को राजिम में किसानों का बड़ा आंदोलन देखने को मिला। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में हजारों किसान ट्रैक्टरों के साथ सड़कों पर उतर आए। विशाल ट्रैक्टर रैली और चक्काजाम के जरिए किसानों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
कृषि उपज मंडी से शुरू हुई ट्रैक्टर रैली में किसानों का लंबा काफिला कई किलोमीटर तक फैला नजर आया। हाथों में तख्तियां और झंडे लिए किसान खाद की किल्लत, बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि, खाद की कालाबाजारी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे। पूरे नगर में किसानों के आंदोलन की गूंज सुनाई दी।
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक और प्रथम पंचायत मंत्री अमितेष शुक्ल ने कहा कि सरकार किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने में विफल रही है। बुवाई के महत्वपूर्ण समय में किसान परेशान हैं, जबकि कालाबाजारी करने वाले लाभ कमा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान विरोधी नीतियों के कारण खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है।
प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रूपेश साहू, किसान नेता तेजराम विद्रोही समेत बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को जिला स्तर से प्रदेश स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
पंडित सुंदरलाल शर्मा चौक पर हुए चक्काजाम के कारण राजिम के प्रमुख मार्गों पर कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। सड़कों के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई थी। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन किसानों का आक्रोश साफ दिखाई दिया।
किसानों ने कहा कि यदि खाद संकट और कृषि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
