Mahadev Betting App : ED के रडार पर शेफाली बग्गा, दूसरे दिन भी पूछताछ… क्या मिला नया सुराग?

पूर्व बिग बॉस कंटेस्टेंट को रायपुर ED दफ्तर में तलब, डिजिटल प्रमोशन और विदेशी बेटिंग ऐप्स से संबंधों की हो रही जांच

रायपुर : महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप और इससे जुड़े विशाल मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर टीवी जगत की चर्चित चेहरे को घेर लिया है। पूर्व बिग बॉस कंटेस्टेंट और टीवी प्रेजेंटर शेफाली बग्गा शुक्रवार को रायपुर स्थित ED दफ्तर पहुंचीं, जहां जांच अधिकारियों ने उनसे लंबी पूछताछ की। गुरुवार को भी शेफाली से करीब 5 घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे। लगातार दूसरे दिन पूछताछ जारी है। यह  मामले में एक नया मोड़ है।

ED सूत्रों के अनुसार, डिजिटल साक्ष्यों में शेफाली की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद उन्हें तलब किया गया। जांच में ऐप के प्रमोशनल वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य डिजिटल सामग्री सामने आई है, जिनमें शेफाली की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। एजेंसी को यह भी संदेह है कि शेफाली दुबई और लंदन जैसे विदेशी शहरों से संचालित बेटिंग ऐप्स के प्रचार-प्रसार में शामिल थीं।

 शेफाली के टेलीग्राम चैनल पर ED की नजर

ED का दावा है कि शेफाली अपना टेलीग्राम चैनल चलाती हैं, जिस पर गैर-कानूनी बेटिंग से जुड़े प्रमोशन और टिप्स शेयर किए जाते थे। यह चैनल कथित तौर पर यूजर्स को आकर्षित करने और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने का माध्यम बन रहा था। जांच एजेंसी को इस चैनल से जुड़े डिजिटल सबूत भी मिले हैं।

 हवाला ऑपरेटर से कथित संबंध

पूरी जांच की कड़ी में शेफाली को महादेव नेटवर्क के प्रमुख हवाला ऑपरेटर खंजन जगदीश कुमार ठक्कर से जोड़ा जा रहा है। ED के अनुसार, ठक्कर भारत में महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़े हवाला लेन-देन और वित्तीय नेटवर्क का संचालन करता था। शेफाली के इनसे कथित संबंधों की भी जांच हो रही है।

 मामले में बड़ा खुलासा

महादेव बेटिंग ऐप घोटाला देश के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट्स में से एक माना जाता है, जो मुख्य रूप से दुबई से संचालित होता था। ED की जांच में खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क से हर महीने सैकड़ों करोड़ रुपये की अवैध कमाई होती थी। हाल ही में ED ने कारोबारी विकास गर्ग और उनके परिवार की 940 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां अटैच की हैं, जिसके बाद कुल जब्ती 3,800 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है।

इस मामले में ED और CBI दोनों सक्रिय हैं। CBI ने भी कई चार्जशीट दाखिल की हैं और राजनीतिक-प्रशासनिक कनेक्शन की जांच कर रही है। यह इस बड़े घोटाले की जांच को नया आयाम दे रहा है, क्योंकि यह स्टार हस्तियों के माध्यम से प्रमोशन के जरिए युवाओं को लुभाने की रणनीति को उजागर कर रहा है।

सेलिब्रिटी प्रमोशन का खतरा

यह मामला सिर्फ एक सेलिब्रिटी की पूछताछ तक सीमित नहीं है। यह दर्शाता है कि कैसे अवैध बेटिंग रैकेट सोशल मीडिया, टेलीग्राम और सेलिब्रिटी इन्फ्लुएंसर्स का इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर युवाओं को जुआ की लत में फंसाते हैं। ED की जांच से साफ है कि प्रमोशन के पीछे मोटी कमीशन और हवाला नेटवर्क का खेल चल रहा था।

शेफाली बग्गा की ED की पूछताछ जारी है और आगे क्या खुलासे होते हैं, इस पर सबकी नजर है। यह घटना मनोरंजन जगत के लिए भी सबक है कि अवैध गतिविधियों से दूरी बनाए रखना कितना जरूरी है।

मामला अभी भी विकसित हो रहा है। ED की आगे की कार्रवाई से और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

 

Youthwings