झारखंड में 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द: भड़के सफल अभ्यर्थी; रांची सचिवालय में घुसकर किया प्रदर्शन

झारखंड

रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। राज्य सरकार की ओर से JSSC-CGL समेत 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द किए जाने के बाद उन अभ्यर्थियों का विरोध शुरू हो गया है, जो इन परीक्षाओं में सफल होकर सरकारी विभागों में नियुक्त हो चुके हैं।

बुधवार को बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थी रांची स्थित राज्य सचिवालय परिसर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले पर नाराजगी जताते हुए सरकार से आदेश वापस लेने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की।

JSSC-CGL समेत 22 परीक्षाएं रद्द

झारखंड सरकार ने कथित परीक्षा अनियमितताओं के बीच JSSC-CGL सहित 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। इसके अलावा वर्ष 2014 से आयोजित कुछ अन्य भर्ती परीक्षाओं की भी जांच कराने का निर्णय लिया गया है। सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं का भरोसा बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था।

सरकार के फैसले का लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों के एक वर्ग ने स्वागत किया, लेकिन पहले से नियुक्त अभ्यर्थियों के सामने अब नौकरी और भविष्य को लेकर अनिश्चितता खड़ी हो गई है। रिपोर्टों के मुताबिक JSSC-CGL के करीब 2,000 चयनित अभ्यर्थी इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं।

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चयनित अभ्यर्थियों ने सचिवालय में किया प्रदर्शन

परीक्षा रद्द होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारी रांची में सचिवालय पहुंचे और अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना है कि अगर परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन पूरी परीक्षा रद्द करके सफल उम्मीदवारों को सजा नहीं दी जानी चाहिए।

अभ्यर्थियों का तर्क है कि उन्होंने मेहनत और परीक्षा में प्राप्त मेरिट के आधार पर नियुक्ति हासिल की है। इसलिए कथित अनियमितताओं के लिए दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, न कि उन उम्मीदवारों के खिलाफ जिन्होंने चयन प्रक्रिया पूरी की है।

सरकार के फैसले से दो पक्ष आमने-सामने

इस पूरे मामले में अब दो अलग-अलग पक्ष सामने आ गए हैं। एक तरफ लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित धांधली की जांच की मांग कर रहे छात्र हैं, जबकि दूसरी तरफ वे अभ्यर्थी हैं जिन्हें परीक्षा पास करने के बाद सरकारी नौकरी मिल चुकी है।

सरकार की ओर से भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए एक समिति गठित करने की भी बात कही गई है। साथ ही कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की मांग करने और JPSC तथा JSSC में आंतरिक विजिलेंस व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी की गई है।

TDPL से जुड़ी परीक्षाएं भी जांच के दायरे में

विवाद में आउटसोर्स एजेंसी TDPL (TSR Data Processing Private Limited) की भूमिका भी सामने आई है। सरकार ने TDPL से जुड़ी भर्ती परीक्षाओं को लेकर कार्रवाई का फैसला किया है। सरकारी निर्णय के बाद इस एजेंसी के जरिए आयोजित परीक्षाओं की प्रक्रिया और उससे जुड़े रिकॉर्ड जांच के दायरे में हैं।

अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच के बाद किन परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर अंतिम फैसला लिया जाता है और पहले से नियुक्त अभ्यर्थियों के भविष्य पर सरकार क्या निर्णय करती है।

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