‘पूर्व उपराष्ट्रपति कई दिनों से गायब’,कांग्रेस नेता जयराम रमेश का दावा, उद्धव ठाकरे और संजय राउत ने भी पूछा – जगदीप धनखड़ आखिर हैं कहां?

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ लापता?

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ लापता?

नई दिल्ली: कुछ दिन पहले भारत के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने वाले जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) अब राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गए हैं। उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था, लेकिन उसके बाद से वे सार्वजनिक जीवन से पूरी तरह गायब हैं। उनकी इस रहस्यमयी अनुपस्थिति को लेकर अब विपक्षी दलों ने सवाल खड़े कर दिए हैं।

जयराम रमेश ने उठाए सवाल:

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए दावा किया है कि धनखड़ पिछले कई दिनों से लापता हैं और उनकी कोई खबर नहीं मिल रही है। उन्होंने इस स्थिति को लोकतंत्र और पारदर्शिता के लिहाज से चिंताजनक बताया है। रमेश ने यह भी कहा कि जब देश के पूर्व उपराष्ट्रपति ही इतने दिनों तक सार्वजनिक रूप से नहीं दिखाई देते और उनकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिलती, तो यह एक गंभीर विषय है।

प्रधानमंत्री मोदी से लगभग 45 मिनट तक मुलाकात की थी:

उन्होंने आगे एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि तेलुगु मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, धनखड़ ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लगभग 45 मिनट तक मुलाकात की थी। अब सवाल यह उठता है कि यदि वे स्वस्थ हैं और प्रधानमंत्री से मुलाकात कर सकते हैं, तो फिर जनता और संसद से उनकी दूरी क्यों?

संजय राउत का पत्र:

इस मुद्दे को और गंभीर बनाते हुए शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने 10 अगस्त को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक औपचारिक पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में लिखा कि 21 जुलाई को जब संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ, उसी दिन धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन उसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका है।

राउत ने बताया कि कई राज्यसभा सांसद भी उनसे संपर्क करने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। उन्होंने इस पत्र को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर भी साझा किया और पूर्व उपराष्ट्रपति के स्वास्थ्य और स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई।

उद्धव ठाकरे की प्रतिक्रिया:

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने भी इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाया है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की अनुपस्थिति का नहीं, बल्कि एक संवैधानिक पद की गरिमा से जुड़ा है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर देश के पूर्व उपराष्ट्रपति कहां हैं और इस मुद्दे पर संसद और जनता को जानकारी क्यों नहीं दी जा रही?

सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर विचार:

संजय राउत ने यह भी खुलासा किया कि राज्यसभा के कुछ सदस्य अब इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। वे हैबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका दाखिल करने पर विचार कर रहे हैं ताकि धनखड़ की उपस्थिति की पुष्टि की जा सके।

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