‘370 रुपए की बिरयानी’ पड़ी महंगी! बिग बॉस 19 के एक्स कंटेस्टेंट प्रणित मोरे पर FIR
कॉमेडी के नाम पर महिलाओं का अपमान, सहमति का मजाक और मृतकों का अपमान
गुरुग्राम में प्रणित मोरे के लाइव क्राउड-वर्क कॉमेडी शो के दौरान जो हुआ, वह मात्र एक ‘जोक्स’ नहीं था। यह महिलाओं के प्रति गहरी घृणा, entitlement और सहमति की अवधारणा को तुच्छ समझने वाली घटिया सोच का खुला प्रदर्शन था। 22 वर्षीय वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा ने डेटिंग अनुभव बताते हुए कहा कि उसने एक महिला के साथ चिकन बिरयानी पर करीब 360-370 रुपये खर्च किए। जब महिला ने घर छोड़ने को कहा, तो उसने ‘पैसा वसूल करना पड़ेगा’ जैसी आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसमें फिजिकल इंटिमेसी की उम्मीद जताई गई। प्रणित मोरे ने न सिर्फ इसे हंसकर बढ़ावा दिया, बल्कि ‘पीक गुरुग्राम मोमेंट’ कहकर तालियां भी बटोरीं। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया।
महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने अब प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा और डॉ. सेजल पवार (जिन्होंने शो में शवों के प्राइवेट पार्ट्स का मजाक उड़ाया) के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। FIR में अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के आरोप लगे हैं। NCW ने भी प्रणित मोरे को समन जारी किया। हिमांशु को गुरुग्राम की कंपनी स्टारविक डिजाइन से तुरंत निकाल दिया गया। कंपनी के फाउंडर विवेक विश्वकर्मा ने स्पष्ट कहा कि ऐसे कर्मचारी से कंपनी की इमेज खराब हो रही थी। प्रणित मोरे को सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी, इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट करना पड़ा और अब FIR का सामना करना पड़ रहा है।
कॉमेडियन या महिलाओं का शोषक?
प्रणित मोरे, जो बिग बॉस 19 के एक्स-कंटेस्टेंट और स्टैंडअप कॉमेडियन हैं, इस विवाद में सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं। एक कॉमेडियन का काम दर्शकों की गलत सोच को चुनौती देना और संवेदनशील मुद्दों को सही तरीके से हैंडल करना होता है, न कि हंस-हंसकर misogyny को नॉर्मलाइज करना। हिमांशु की टिप्पणी स्पष्ट रूप से transactional sex और entitlement की भावना दर्शाती थी जैसे महिला के साथ समय बिताने का ‘मूल्य’ 370 रुपये है। प्रणित ने इसे रोकने की बजाय बढ़ावा दिया। यह पैटर्न है। उनके कई पुराने वीडियो भी निकल आए हैं जहां महिलाओं को टारगेट करके घटिया जोक्स किए गए।
माफी नाम की चीज उन्होंने दी, लेकिन वह भी मजबूरी में। इंस्टा स्टोरी में लिखा “दर्शक के कमेंट्स मेरे विचार नहीं हैं। मुझे बेहतर जवाब देना चाहिए था।” लेकिन शो के दौरान हंसी और प्रोत्साहन तो उन्होंने ही दिया था। अब अकाउंट डिलीट करके भागने की कोशिश कर रहे हैं। यह जिम्मेदारी से मुंह मोड़ना है। कॉमेडी freedom of speech के दायरे में आती है, लेकिन जब वह महिलाओं की गरिमा, सहमति और सुरक्षा को खतरे में डालती है, तो कानूनी और सामाजिक परिणाम भुगतने पड़ते हैं। एल्विश यादव, आयशा खान, कुशा कपिला, पूनम पांडे, रश्मि देसाई जैसी सेलेब्स ने भी उनकी निंदा की। रश्मि ने तो शो बंद करने की मांग की।
हिमांशु जांगड़ा
हिमांशु जांगड़ा की टिप्पणी सिर्फ ‘बुरा जोक’ नहीं, बल्कि खतरनाक मानसिकता है। 370 रुपये खर्च करके महिला से ‘वसूली’ की उम्मीद करना rape culture को बढ़ावा देता है। यह सोच बताती है कि महिलाएं डेट पर ‘प्रोडक्ट’ हैं जिनका मूल्य चुकाना पड़ता है। नौकरी जाना उनके लिए सबक होना चाहिए। कंपनी ने सही फैसला लिया। काम की परफॉर्मेंस ठीक होने के बावजूद पब्लिक इमेज खराब करने वाले कर्मचारी को रखना किसी भी ब्रांड के लिए घातक होता है।
हिमांशु ने भी माफी मांगी और अकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया, लेकिन मूल समस्या बनी हुई है। ऐसी सोच वाले युवा समाज के लिए खतरा हैं। गुरुग्राम जैसे शहरों में dating culture में ऐसी घटनाएं आम हो रही हैं, जहां पुरुष छोटी-छोटी चीजों को लेकर महिलाओं पर दबाव डालते हैं।
दूसरा विवादित
यह विवाद अकेला नहीं है। इसी शो में डॉ. सेजल पवार ने KEM हॉस्पिटल के शवों के प्राइवेट पार्ट्स का मजाक उड़ाया, जो मेडिकल एथिक्स का घोर उल्लंघन है। मृतक दानकर्ता परिवारों की भावनाओं का अपमान है। सेजल ने भी माफी मांगी, लेकिन FIR में उनका नाम भी शामिल है।
समाज में misogyny कितनी गहरी है, यह घटना दिखाती है। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ही एक्शन हुआ। अगर वीडियो न वायरल होता, तो शायद सब ‘मजा’ मानकर गुजर जाता। कॉमेडी इंडस्ट्री को आत्म-चिंतन करना चाहिए। एज्डी ह्यूमर ठीक है, लेकिन महिलाओं या मृतकों को अपमानित करने वाला नहीं।
