कोरबा की कोल पिच कार्बन फैक्ट्री में भीषण विस्फोट के बाद लगी आग, मची अफरा-तफरी
तेज धमाके के बाद आग ने फैक्ट्री को लिया चपेट में, सभी मजदूर सुरक्षित, प्रशासन ने इलाके को सील कर जांच शुरू की
Korba Factory Fire : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार को एक कोल पिच कार्बन फैक्ट्री में हुए तेज धमाके के बाद भीषण आग लग गई। घटना के समय फैक्ट्री के भीतर कई मजदूर काम कर रहे थे। विस्फोट के बाद आग तेजी से पूरे परिसर में फैल गई और देखते ही देखते फैक्ट्री की बड़ी हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें और आसमान में उठता काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आग की लपटें फैक्ट्री परिसर में खड़ी एक ट्रक तक पहुंच गईं, जिसके बाद आग और अधिक भड़क गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, नगर निगम, सीएसईबी और अन्य संबंधित विभागों की दमकल टीमें मौके पर पहुंच गईं। कई दमकल वाहन लगातार आग बुझाने में जुटे रहे। आग की तीव्रता को देखते हुए राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है ताकि आग को आसपास के हिस्सों में फैलने से रोका जा सके।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि घटना में फैक्ट्री के सभी मजदूर सुरक्षित हैं और किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन की प्राथमिकता आग पर जल्द से जल्द काबू पाकर बड़े नुकसान को रोकना है।
जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री का संचालन अंकुश अग्रवाल द्वारा किया जाता है। इससे पहले भी इसी फैक्ट्री में विस्फोट की एक बड़ी घटना हो चुकी है, जिसमें फैक्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा था। हालांकि उस समय भी कर्मचारी सुरक्षित बच गए थे।
सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने पूरे घटनास्थल को सील कर दिया है। आम लोगों और वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर लोगों को सुरक्षित दूरी पर रोक रखा है ताकि दमकल और राहत दल बिना किसी बाधा के अपना कार्य कर सकें।
आग लगने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग फैक्ट्री के आसपास पहुंच गए। पुलिस लगातार लोगों से सुरक्षा घेरे से दूर रहने की अपील कर रही है और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद विस्तृत जांच की जाएगी। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
