‘चंदा चोरों का प्रवेश वर्जित’- दिग्विजय सिंह ने बंगले के बाहर लगाया पोस्टर, अयोध्या में दर्ज कराएंगे केस
‘मैंने भी दिया था चंदा, अगर चोरी हुई है तो न्याय के लिए लड़ूंगा..’ – दिग्विजय सिंह
भोपाल। राम मंदिर चंदा चोरी के कथित मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। इसी बीच मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान देकर इस मुद्दे को नई दिशा दे दी है। उन्होंने कहा है कि भगवान श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए उन्होंने भी चंदा दिया था और यदि चंदे में किसी प्रकार की गड़बड़ी या चोरी हुई है तो वे इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगे। इसके लिए वे जल्द ही अयोध्या जाकर संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराएंगे।
दिग्विजय सिंह ने यह भी घोषणा की कि वे इस मुद्दे को लेकर जनजागरण अभियान चलाएंगे और अक्टूबर माह में उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा भी करेंगे।
5-6 जुलाई को अयोध्या जाएंगे, दर्ज कराएंगे मामला
भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे 5 और 6 जुलाई को अयोध्या का दौरा करेंगे। इस दौरान उनके साथ कानूनी विशेषज्ञों और वकीलों की टीम भी रहेगी। उन्होंने कहा कि अयोध्या पहुंचकर वे चंदा चोरी के कथित मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा और आस्था के साथ आर्थिक सहयोग दिया था। उन्होंने भी मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था। ऐसे में यदि उस राशि में किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “मैंने भी चंदा दिया है। यदि चंदा चोरी हुआ है तो मैं भी उसका पीड़ित हूं। इसलिए मैं इस मामले में शिकायत दर्ज कराऊंगा और कानूनी कार्रवाई की मांग करूंगा।”
‘चंदा चोरों का प्रवेश निषेध’ लिखवाने की घोषणा
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि वे अपने घर के बाहर एक पोस्टर लगाएंगे, जिस पर लिखा होगा— “चंदा चोरों का प्रवेश निषेध”।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों से भी अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर ऐसे पोस्टर और बैनर लगाएं, जिनमें लोगों को कथित चंदा चोरों से सावधान रहने का संदेश दिया जाए।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। यदि किसी भी स्तर पर श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ खिलवाड़ हुआ है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना चाहिए।
उज्जैन से अयोध्या तक करेंगे पदयात्रा
राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर दिग्विजय सिंह ने एक बड़ी पदयात्रा का भी ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि यह यात्रा आगामी 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के अवसर पर शुरू होगी।
यह पदयात्रा उज्जैन से प्रारंभ होकर अयोध्या तक जाएगी। दिग्विजय सिंह का कहना है कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि लोगों के बीच जाकर संवाद स्थापित करना और धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता की आवश्यकता को लेकर जागरूकता फैलाना है।
उन्होंने कहा कि यात्रा में आम नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, धार्मिक श्रद्धालु और विभिन्न संगठनों के लोग शामिल हो सकते हैं। इसके लिए उन्होंने जनता से भी समर्थन और सहभागिता की अपील की है।
‘पदयात्रा में कांग्रेस का झंडा नहीं होगा’
दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित पदयात्रा को किसी राजनीतिक दल के कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यात्रा में कांग्रेस पार्टी का झंडा नहीं रहेगा।
उनका कहना है कि यह यात्रा किसी पार्टी विशेष की नहीं, बल्कि उन लोगों की आवाज होगी जो धार्मिक चंदे और सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि इस यात्रा में विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होंगे और इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा।
बंगले के बाहर लगाया पोस्टर
इस पूरे विवाद के बीच दिग्विजय सिंह ने अपने सरकारी बंगले के बाहर एक पोस्टर भी लगाया है, जो चर्चा का विषय बन गया है।
पोस्टर पर लिखा है- “चंदा चोरों का प्रवेश वर्जित”
इसके साथ संदेश में कहा गया है कि भगवान श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए देशभर के लोगों द्वारा दिए गए चंदे और मंदिरों में चढ़ाए गए चढ़ावे में गड़बड़ी करने वालों का उनके निवास पर प्रवेश प्रतिबंधित है।
पोस्टर में भगवान श्रीराम, भगवान शिव, महात्मा गांधी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। पोस्टर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस और तेज हो गई है।

फिलहाल सभी की नजरें 5-6 जुलाई को होने वाले उनके अयोध्या दौरे और 2 अक्टूबर से प्रस्तावित उज्जैन-अयोध्या पदयात्रा पर टिकी हुई हैं।
