जनदर्शन में उपमुख्यमंत्री ने सुनी लोगों की समस्याएं, वन भूमि अतिक्रमण पर कार्रवाई को लेकर भड़के ग्रामीण, रेंजर पर गंभीर आरोप

लोरमी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोरमी में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान आम लोगों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। लेकिन इसी कार्यक्रम के दौरान एक मामले ने तूल पकड़ लिया, जब खुड़िया वनपरिक्षेत्र में वन भूमि पर चल रही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों ने डीएफओ का घेराव कर डाला।

वन भूमि अतिक्रमण पर कार्रवाई में भेदभाव का आरोप

बताया गया कि खुड़िया वनपरिक्षेत्र में 30 एकड़ से अधिक वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। उप मुख्यमंत्री ने इसको लेकर विभागीय अधिकारियों को निर्देश भी दिए थे। लेकिन कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया भेदभावपूर्ण है। उनका कहना था कि कुछ लोगों को निशाना बनाकर कार्रवाई की जा रही है, जबकि कई वर्षों से कब्जा कर खेती कर रहे लोगों को बख्शा जा रहा है।

ग्रामीणों ने मांग की कि यदि अतिक्रमण हटाना ही है, तो बिना भेदभाव के सभी पर समान रूप से कार्रवाई की जाए। वहीं, कुछ ग्रामीणों ने यह भी कहा कि जो लोग वर्षों से वन भूमि पर बसे हुए हैं और वहां खेती कर जीविकोपार्जन कर रहे हैं, उन्हें उजाड़ना न केवल अन्याय होगा बल्कि सामाजिक असंतुलन भी पैदा करेगा।

रेंजर रुद्र राठौर पर भाजपा नेता का बड़ा आरोप

मामले को और गंभीर बना दिया भाजपा नेता हुक्मीचंद जायसवाल के बयान ने। उन्होंने खुड़िया रेंजर रुद्र कुमार राठौर पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने कारीडोंगरी स्थित फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में कुछ ग्रामीणों को बुलाकर अतिक्रमण मुद्दे पर समझौते का प्रयास किया।

जायसवाल का कहना है कि इस बैठक में रेंजर राठौर ने बेहद आपत्तिजनक और अहंकारी भाषा का प्रयोग करते हुए कहा,

“यहां मैं हूं, इसमें ना एसडीओ कुछ करेगा, ना डीएफओ कुछ करेगा, ना विधायक कुछ करेगा, ना प्रधानमंत्री करेगा। जो मैं करूंगा वही होगा।”

भाजपा नेता ने इस बयान को लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताया और रेंजर के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।

अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों और स्थानीय नेताओं ने मांग की है कि वन विभाग की इस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही रेंजर रुद्र राठौर के व्यवहार और कथित पक्षपातपूर्ण रवैये की जांच कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

उप मुख्यमंत्री ने दिए निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश

घटना के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण के मुद्दे पर कोई भी पक्षपात या भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी मामलों की गहराई से जांच करें और कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष रूप से करें।

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