NEET पेपर लीक के खिलाफ देवेंद्र यादव का कुर्ता फाड़ प्रदर्शन… वायरल VIDEO ने बदल दी पूरी कहानी?
बिलासपुर में NSUI के NEET पेपर लीक प्रदर्शन के बाद विधायक देवेंद्र यादव ने पुलिस पर कुर्ता फाड़ने का लगाया था आरोप, लेकिन वायरल वीडियो में सच सामने आया
बिलासपुर: NEET परीक्षा पेपर लीक का मुद्दा पूरे देश में छात्रों के आक्रोश का कारण बना हुआ है। केंद्र और राज्य सरकार पेपर लीक माफिया पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है, लेकिन बिलासपुर में NSUI और कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन देवेंद्र यादव के विवादित ड्रामे की वजह से फिर सुर्खियों में आ गया है इस बार लाठीचार्ज और कुर्ता फाड़ वाली घटना के साथ।
3 जून को NSUI राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में कार्यकर्ता केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के निवास का घेराव करने निकले। पुलिस ने बंगले से काफी पहले मजबूत बैरिकेडिंग कर रखी थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। परिणामस्वरूप धक्का-मुक्की हुई, पुलिस को वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल करना पड़ा।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने लाठीचार्ज की घटना की निंदा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण घेराव के दौरान पुलिस बर्बरता से लाठीचार्ज कर रही है। उन्होंने दावा किया कि 50 से अधिक छात्र घायल हुए हैं और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। दीपक बैज ने सोशल मीडिया पर लिखा, “परीक्षा गड़बड़ी और पेपर लीक पर शांतिपूर्ण विरोध था, लेकिन सरकार के इशारे पर पुलिस ने बर्बरता दिखाई।”
देवेंद्र यादव का कुर्ता फाड़ ड्रामा
इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने नया तहलका मचा दिया है। वीडियो में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव खुद अपने हाथों से कुर्ता फाड़ते दिख रहे हैं। घटना के बाद उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनका कुर्ता फाड़ा, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद उनका दावा फीका पड़ गया। पूरे देश में कांग्रेस-NSUI NEET लीक के खिलाफ सही मुद्दा उठा रही है, लेकिन देवेंद्र यादव की इस हरकत ने बिलासपुर के विरोध को सनसनीखेज सर्कस बना दिया।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान रास्ता अवैध रूप से रोका गया, यातायात प्रभावित हुआ और कानून-व्यवस्था बिगड़ी। कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए। सिविल लाइन थाने में देवेंद्र यादव, विनोद जाखड़, नीरज पांडेय, सिद्धांशु मिश्रा समेत कई नेताओं-कार्यकर्ताओं के खिलाफ BNS की धाराएं 126(2), 190, 191(2), 292 और 293 के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने 12 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में मुचलके पर छोड़ दिया गया।
सवाल अभी भी बाकी
सरकार पर NEET पेपर लीक रोकने में नाकामी का आरोप बिल्कुल जायज है। लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है, लेकिन जब विरोध बैरिकेड तोड़ने, रास्ता जाम करने और कुर्ता फाड़ ड्रामे में बदल जाता है, तो पूरा मुद्दा कमजोर पड़ जाता है। देवेंद्र यादव की हरकत से NSUI-कांग्रेस का विरोध शांतिपूर्ण बनने के बजाय विवादित हो गया है।
अब राजनीतिक हलचल तेज है। कांग्रेस न्यायिक जांच की मांग कर रही है, जबकि पुलिस कह रही है कि अराजकता फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी।
NEET पेपर लीक का असली सवाल अभी भी अनसुलझा है दोषी कौन? सरकार कब छात्रों को न्याय दिलाएगी? या फिर लाठीचार्ज, FIR और कुर्ता फाड़ वाले ड्रामे ही चलते रहेंगे?
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