बिलासपुर में बवाल! NEET Paper Leak 2026 के विरोध में उतरी NSUI, पुलिस ने बरसाईं लाठियां
NEET Paper Leak 2026: केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के आवास घेरने निकले NSUI कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका, प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज से बढ़ा सियासी तापमान
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर छत्तीसगढ़ में बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। केंद्रीय मंत्री के आवास घेरने निकले NSUI कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। आखिर प्रदर्शन इतना उग्र क्यों हुआ और जांच में अब तक क्या-क्या खुलासे हुए हैं? पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
NEET Paper Leak 2026: NEET पेपर लीक मामले में NSUI का हल्लाबोल, केंद्रीय मंत्री के आवास घेरने निकले प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज
NEET Paper Leak 2026 मामले को लेकर देशभर में छात्रों और विपक्षी संगठनों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। केंद्रीय राज्य मंत्री और सांसद तोखन साहू के आवास का घेराव करने निकले NSUI कार्यकर्ताओं और छात्रों पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रदर्शन में NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, प्रदेश अध्यक्ष नीरज शर्मा समेत प्रदेशभर से बड़ी संख्या में छात्र और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में हुई धांधली ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, लेकिन सरकार इस मामले में जवाबदेही तय करने से बच रही है।
कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे थे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारी केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के आवास घेराव के लिए रैली निकाल रहे थे। इसी दौरान जब वे कलेक्ट्रेट क्षेत्र की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया।

NSUI नेताओं का कहना है कि छात्र सिर्फ निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। क्या पुलिस यह रवैया नीट पेपर लीक के आरोपियों पर भी दिखाएगी?
12 मई को रद्द हुई थी NEET-UG 2026 परीक्षा
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा को 12 मई को पूरी तरह रद्द कर दिया गया था। जांच एजेंसियों की पड़ताल में यह खुलासा हुआ कि परीक्षा से करीब 15 दिन पहले ही व्हाट्सएप और टेलीग्राम के कई गुप्त ग्रुपों में जो तथाकथित ‘गेस पेपर’ बेचा जा रहा था, उसके 100 से अधिक सवाल वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खा रहे थे।
इस खुलासे ने पूरे देश में सनसनी फैला दी और लाखों छात्रों के बीच परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
CBI कर रही NEET Paper Leak 2026 की जांच
NEET Paper Leak 2026 की जांच फिलहाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है। एजेंसी अब तक इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। हाल ही में दिल्ली की एक अदालत ने कथित मास्टरमाइंड प्रह्लाद विट्ठलराव कुलकर्णी और आरोपी शिवराज रघुनाथ को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
CBI के मुताबिक, प्रह्लाद कुलकर्णी पुणे में रसायन शास्त्र के व्याख्याता हैं और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की प्रक्रिया से जुड़े होने के कारण उन्हें प्रश्नपत्रों तक पहुंच प्राप्त थी। जांच में सामने आया है कि उन्होंने पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से छात्रों को इकट्ठा कर विशेष कोचिंग सत्र आयोजित किए थे।
छात्रों में बढ़ रहा आक्रोश
NEET Paper Leak 2026 के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई छात्र संगठनों का कहना है कि वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षा में बैठने वाले लाखों छात्रों के साथ अन्याय हुआ है।
बिलासपुर में हुए प्रदर्शन को भी इसी आक्रोश का हिस्सा माना जा रहा है। NSUI नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई और परीक्षा प्रणाली में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि पूरे मामले में CBI की जांच जारी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी और छात्र राजनीति दोनों में और गर्मी देखने को मिल सकती है।
