दंतेवाड़ा में नक्सल विरोधी अभियान की ऐतिहासिक सफलता: 272 नक्सलियों का आत्मसमर्पण
दंतेवाड़ा। नक्सल विरोधी अभियान के तहत वर्ष 2025 दंतेवाड़ा पुलिस के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है। इस वर्ष कुल 272 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जिन पर शासन द्वारा 2 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वर्ष 2024 की तुलना में न केवल आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की संख्या बढ़ी है, बल्कि इस बार बड़े कैडर के नक्सलियों ने भी हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। पिछले वर्ष 2024 में 234 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था, जिन पर कुल 90 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए पुलिस द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उनके बैंक खाते खोले गए हैं, कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जा रहा है, साथ ही राशन कार्ड और बस पास जारी कर उन्हें सामान्य जीवन से जोड़ा जा रहा है।
दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय ने बताया कि वर्ष 2025 में UAPA एवं अन्य मामलों में 35 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर 17 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वहीं नक्सल मुठभेड़ों में 4 नक्सलियों को मार गिराया गया, जिन पर कुल 54 लाख रुपये का इनाम था।
DRG का रहा अहम योगदान
एसपी गौरव राय के अनुसार, नक्सल विरोधी अभियानों में DRG दंतेवाड़ा की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। वर्ष 2025 में 03 स्वतंत्र DRG अभियान, DRG–CRPF के 10 संयुक्त अभियान तथा दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, बीजापुर और बस्तर जिलों के साथ 40 संयुक्त अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। उत्कृष्ट कार्य के लिए 04 जवानों को पुलिस पदक, 51 को केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक, 08 जवानों को छत्तीसगढ़ शौर्य पदक तथा 40 जवानों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन प्रदान किया गया। ऑपरेशन ब्लैकफॉरेस्ट सहित अन्य अभियानों में प्रतिबंधित CPI (माओवादी) संगठन के शीर्ष कैडर को न्यूट्रलाइज करने में भी DRG की अहम भूमिका रही।
अपराध दर में उल्लेखनीय कमी
सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होने से जिले में गंभीर अपराधों में लगभग 7 प्रतिशत, अन्य अपराधों में 8.8 प्रतिशत तथा चोरी के मामलों में 14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में कुल 397 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
पुलिस प्रशिक्षण और साइबर अपराध पर सख्ती
नए आपराधिक कानूनों, iGOT कर्मयोगी और रिफ्रेशर कोर्स के माध्यम से 1759 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया, जिससे अनुसंधान और कार्यकुशलता में सुधार हुआ। साइबर अपराध के 13 मामलों में 24 आरोपियों को देश के विभिन्न राज्यों से गिरफ्तार किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक है।
वर्ष 2026 के लिए दंतेवाड़ा पुलिस के लक्ष्य
पुलिस ने वर्ष 2026 के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय किए हैं
- मार्च 2026 तक जिले से सशस्त्र माओवाद का पूर्ण उन्मूलन
- सड़क दुर्घटनाओं और मौतों में कमी
- साइबर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और जागरूकता
- DIAL 112 सेवा की शुरुआत
