सड़क बनी तालाब! कांग्रेस नेताओं ने गड्ढों में डाला जाल, फिर जो हुआ…
बिलासपुर के ग्राम कड़ार सेवार में कांग्रेस नेताओं ने सड़क के गड्ढों को तालाब बताकर फेंके जाल… कहा- वर्षों से उपेक्षा, विधायक और प्रशासन दोनों बेखबर
बिलासपुर। बिलासपुर जिले के बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कड़ार सेवार में वर्षों से जर्जर पड़ी मुख्य सड़क को लेकर कांग्रेस ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में जमा पानी को तालाब का रूप देते हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से मछली पालन किया और जाल फेंककर प्रशासन व जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। यह सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि यह सड़क क्षेत्र के लोगों के आवागमन का प्रमुख मार्ग है, लेकिन लंबे समय से इसकी हालत बेहद खराब बनी हुई है। बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को काफी परेशानी और खतरे का सामना करना पड़ता है। कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।
गड्ढों में जाल फेंककर दिखाई समस्या
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क के गड्ढों में जमा पानी में जाल डालकर प्रतीकात्मक रूप से मछली पकड़ने का नाटक किया। उन्होंने कहा कि सड़क की यह हालत देखकर लगता है कि यह कोई सड़क नहीं, बल्कि तालाब है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा, “वर्षों से सड़क की मरम्मत नहीं हुई, अब इसमें मछली पालन शुरू कर देना चाहिए।”
बावजूद इसके, सड़क की मरम्मत या निर्माण की दिशा में न तो संबंधित विभाग ने ध्यान दिया और न ही क्षेत्र के विधायक ने कोई ठोस पहल की।
सड़क बनाओ, नहीं तो आंदोलन तेज होगा
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि ग्रामीण कई वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन सौंपने के साथ शिकायतें भी की गईं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी उपेक्षा के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यह सांकेतिक प्रदर्शन कर शासन और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि बारिश के मौसम में सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते और बीमारों को अस्पताल पहुंचाने में भी परेशानी होती है। जिला कलेक्टर से मांग की गई है कि इस सड़क को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए।
यह एक बार फिर साबित करता है कि जब प्रशासन और जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करते हैं, तो लोग विरोध के अनोखे तरीके अपनाते हैं। फिलहाल, प्रशासन पर इस मामले में जल्द कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है।
