छत्तीसगढ़ कैबिनेट के अहम फैसले: अग्निवीरों को मिलेगा 10% आरक्षण, किसानों के लिए बनेगी उर्वरक निगरानी समिति
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों और अग्निवीरों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित की जाएगी। इसके अलावा, भारतीय सेना से सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य की तृतीय श्रेणी की भर्तियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का भी फैसला लिया गया।
उर्वरकों की उपलब्धता पर रखी जाएगी विशेष नजर
राज्य सरकार ने खरीफ और रबी सीजन के दौरान किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। इसके तहत एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति बनाई जाएगी, जो उर्वरकों की आपूर्ति, वितरण और प्रबंधन की नियमित समीक्षा करेगी तथा सरकार को आवश्यक सुझाव देगी।
इस समिति की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री अरुण साव करेंगे। कृषि, सहकारिता और वित्त विभाग के मंत्री इसके सदस्य होंगे, जबकि कृषि उत्पादन आयुक्त समिति के संयोजक के रूप में कार्य करेंगे। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी बैठक में शामिल किया जा सकेगा।
अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी
कैबिनेट ने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अग्निवीरों के पुनर्वास और रोजगार को ध्यान में रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। अब राज्य में पुलिस विभाग में आरक्षक, वन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में प्रहरी के पदों पर सीधी भर्ती में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाएगा। इसके लिए ‘छत्तीसगढ़ अग्निवीर सैनिक आरक्षण नियम-2026’ बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इन अग्निवीरों को मिलेगा लाभ
सरकार के अनुसार, आरक्षण का लाभ केवल उन अग्निवीरों को मिलेगा जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में निर्धारित चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्ति प्राप्त की होगी।
अनुभव और अनुशासन का मिलेगा लाभ
राज्य सरकार का मानना है कि इस फैसले से पूर्व अग्निवीरों को सम्मानजनक रोजगार मिलेगा। साथ ही पुलिस, वन एवं जेल विभाग को प्रशिक्षित, अनुशासित और अनुभवी युवाओं की सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे इन विभागों की कार्यक्षमता भी मजबूत होगी।
