‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से हटाए जाने के बाद विजेता दहिया की पहली प्रतिक्रिया, बोले- आंदोलन के हित में हर फैसला स्वीकार

विजेता दहिया

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन में चल रहे आंदोलन और संसद मार्च के दौरान वायरल हुए एक वीडियो के बाद चर्चा में आए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया ने पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन को बचाने के लिए संगठन ने उन्हें पद से हटाने का फैसला लिया है तो उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है।

‘आंदोलन के लिए लगातार 50 दिन तक किया काम’

विजेता दहिया ने बताया कि वह पिछले करीब 50 दिनों से आंदोलन की तैयारियों में लगातार जुटे हुए थे। संसद मार्च से पहले भी वह कई दिनों तक बिना पर्याप्त आराम किए आंदोलन स्थल पर सक्रिय रहे। उनका कहना था कि प्रदर्शन के दिन वह काफी थके हुए और भूखे थे, इसलिए कुछ देर भोजन करने चले गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना को संवेदनहीनता के रूप में पेश करना सही नहीं है।

‘वायरल वीडियो से बनाई गई गलत धारणा’

दहिया ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के आधार पर उनके बारे में गलत संदेश फैलाया गया। उनका दावा है कि प्रदर्शन शुरू होने से पहले और उसके दौरान वे लगातार आंदोलन की व्यवस्थाओं में लगे रहे। पुलिस कार्रवाई की आशंका को देखते हुए उन्होंने अन्य स्वयंसेवकों के साथ रातभर मौके पर निगरानी भी की।

पुलिस कार्रवाई के लिए नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराना गलत

उन्होंने कहा कि संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज की जिम्मेदारी आंदोलन के नेतृत्व या कार्यकर्ताओं पर डालना उचित नहीं है। उनके अनुसार प्रदर्शन के दौरान जो घटनाएं हुईं, उन्हें अलग संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

read more : छत्तीसगढ़ कैबिनेट के अहम फैसले: अग्निवीरों को मिलेगा 10% आरक्षण, किसानों के लिए बनेगी उर्वरक निगरानी समिति

‘आंदोलन बचाने के लिए मुझे हटाया गया होगा’

संगठन से हटाए जाने के सवाल पर विजेता दहिया ने कहा कि संभव है आंदोलन को नुकसान से बचाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी जन आंदोलन के हित में उन्हें पद छोड़ना पड़े तो वह इसके लिए तैयार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि संगठन के फैसले से उन्हें व्यक्तिगत रूप से दुख जरूर हुआ।

CJP से जुड़े रहने की कही बात

विजेता दहिया ने कहा कि उन्हें केवल प्रवक्ता पद से हटाया गया है, लेकिन वह अब भी आंदोलन और संगठन की विचारधारा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी पद पर बने रहना नहीं, बल्कि आंदोलन के मुद्दों को आगे बढ़ाना है।

विवाद के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा

संसद मार्च के दौरान वायरल हुए वीडियो के बाद विजेता दहिया को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा हुई। इसके बाद CJP ने संगठनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें प्रवक्ता पद से हटा दिया था। अब उनके बयान के बाद इस पूरे विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है।

Youthwings