काले कपड़ों में संसद पहुंचे राहुल-प्रियंका गांधी समेत विपक्षी सांसद, छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरा, राज्यसभा दोपहर 12 बजे तक स्थगित

मानसून सत्र के तीसरे दिन

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन भी लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के विरोध का असर देखने को मिला। विपक्षी दलों ने नीट परीक्षा विवाद, छात्रों से जुड़े मुद्दों और अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर लगाए गए आरोपों पर चर्चा की मांग करते हुए सरकार को घेरा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने अपने मुद्दे उठाए, जिसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

सदन में विपक्ष ने उठाए कई मुद्दे

सत्र के पहले दो दिनों की तरह तीसरे दिन भी विपक्ष ने विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की। विपक्षी सांसदों का कहना था कि छात्रों से जुड़े मामलों और अन्य विवादित मुद्दों पर सरकार को सदन में जवाब देना चाहिए। लगातार शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से आगे नहीं बढ़ सकी।

राज्यसभा की शुरुआत शोक संदेश से

राज्यसभा की कार्यवाही प्रारंभ होने पर सबसे पहले दिवंगत सदस्यों और अन्य व्यक्तियों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद सदन की कार्यसूची के अनुसार आवश्यक दस्तावेज पटल पर रखे गए। इसी दौरान विपक्ष ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठानी शुरू कर दी। सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने विपक्षी सदस्यों से निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहने पर राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

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राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष का प्रदर्शन

मंगलवार को संसद परिसर के बाहर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के निकट विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई नेता शामिल हुए। विपक्ष ने छात्रों से जुड़े मामलों पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग दोहराई।

प्रियंका गांधी ने सरकार को घेरा

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाए और कहा कि युवाओं की समस्याओं पर संसद में खुली चर्चा होनी चाहिए।

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