CGPSC घोटाला मामला: सुप्रीम कोर्ट ने टामन सोनवानी के बेटे सहित चार आरोपियों को दी जमानत

CGPSC घोटाला मामला

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छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले के मामले में सुप्रीम कोर्ट से चार आरोपियों को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने सुनवाई के बाद सभी को जमानत मंजूर कर दी है। जिन आरोपियों को राहत मिली है, उनमें साहिल सोनवानी (पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी के पुत्र), नितेश सोनवानी, शशांक गोयल (बजरंग इस्पात निदेशक के पुत्र) और भूमिका कटियार शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट में पेश हुई दलीलें

सुप्रीम कोर्ट में आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा, सिद्धार्थ अग्रवाल और शशांक मिश्रा ने पैरवी की। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि फिलहाल जांच जारी है और आरोपियों की हिरासत में रहने की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद चारों को जमानती राहत प्रदान कर दी गई।

171 पदों के लिए हुई थी भर्ती परीक्षा

सीजीपीएससी ने वर्ष 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। प्रारंभिक परीक्षा में 2,565 उम्मीदवार सफल हुए थे, जबकि मई 2022 में हुई मुख्य परीक्षा में 509 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए। इसके बाद 11 मई 2023 को 170 उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की गई थी।

भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के आरोप

भर्ती में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार सामने आने के बाद तत्कालीन पीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, सचिव जीवन किशोर ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

सीबीआई कर रही है जांच

राज्य की मौजूदा विष्णुदेव साय सरकार के आग्रह पर यह मामला अब सीबीआई के सुपुर्द कर दिया गया है। एजेंसी इस घोटाले से जुड़े वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में जुटी हुई है।

 

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