CGPSC भर्ती घोटाला: अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया गिरफ्तार, कोर्ट ने 6 दिन की ED रिमांड पर भेजा
रायपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित CGPSC भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया को शुक्रवार, 11 सितंबर को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है। गिरफ्तारी के बाद ED ने चेतन बोरघरिया को विशेष अदालत के सामने पेश किया। सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े कई अहम तथ्यों का हवाला देते हुए पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उन्हें 6 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया।
WhatsApp चैट जांच के केंद्र में
ED की जांच में चेतन बोरघरिया और मामले में आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के बीच हुई कथित WhatsApp बातचीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एजेंसी ने अदालत के सामने इन चैट से जुड़े तथ्यों का उल्लेख किया है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित बातचीत का CGPSC परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं और पैसों के लेनदेन से क्या संबंध था। पूछताछ के दौरान बोरघरिया से अन्य आरोपियों के साथ उनके संपर्क और कथित लेनदेन को लेकर भी सवाल किए जा सकते हैं।
भूपेश बघेल के OSD रह चुके हैं बोरघरिया
चेतन बोरघरिया का नाम प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान भी चर्चा में रहा है। वह 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD के रूप में काम कर चुके हैं। अब CGPSC भर्ती घोटाले की ED जांच में उनकी गिरफ्तारी के बाद एजेंसी कथित नेटवर्क में उनकी भूमिका और दूसरे आरोपियों के साथ संबंधों की पड़ताल कर रही है।
परीक्षा से पहले पेपर मिलने का भी दावा
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कथित WhatsApp चैट में एक महिला अभ्यर्थी को परीक्षा से पहले प्रीलिम्स का ऐसा पेपर उपलब्ध कराने की चर्चा सामने आई है, जिसके परीक्षा में आने वाले प्रश्नों से 100 प्रतिशत तक मैच होने का दावा किया गया।इसके अलावा मेन्स परीक्षा के पेपर के नाम पर करीब 70 लाख रुपये लिए जाने का दावा भी जांच के दौरान सामने आया है। हालांकि, इन दावों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। ED अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित पेपर उपलब्ध कराने और पैसों के लेनदेन के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और इस पूरे नेटवर्क का संचालन किस तरह किया जा रहा था।
टामन सिंह सोनवानी और उत्कर्ष चंद्राकर पहले ही गिरफ्तार
CGPSC भर्ती घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में ED की कार्रवाई पहले भी हो चुकी है। जांच एजेंसी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार कर चुकी है। अब चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। ED उनसे कथित WhatsApp चैट, परीक्षा से जुड़ी जानकारी, वित्तीय लेनदेन और अन्य आरोपियों से संपर्क को लेकर पूछताछ करेगी।
6 दिन की रिमांड में ED करेगी पूछताछ
विशेष अदालत के आदेश के बाद चेतन बोरघरिया अब 6 दिनों तक ED की हिरासत में रहेंगे। इस अवधि में एजेंसी कथित परीक्षा पेपर लेनदेन, WhatsApp बातचीत, पैसों के स्रोत और दूसरे आरोपियों के साथ उनके संबंधों की जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी। हालांकि, जांच में सामने आए आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं। किसी भी आरोपी की भूमिका और आरोपों की पुष्टि अंतिम रूप से अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मानी जाएगी।
