CG Minister Laxmi Rajwade News: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का सख्त एक्शन, घटिया सामान सप्लाई करने वाली छह एजेंसियां ब्लैकलिस्ट, भुगतान भी रोका गया

CG Minister Laxmi Rajwade News

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रायपुर। CG Minister Laxmi Rajwade News: छत्तीसगढ़ सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों में घटिया सामग्री सप्लाई के मामले में बड़ा फैसला लिया है। विभाग की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले ही एक्शन मोड में आकर दोषी आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। विभाग की जांच में दोषी पाई गई छह सप्लाई एजेंसियों को जेम पोर्टल से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। साथ ही इनसे खरीदी गई घटिया सामग्रियों को वापस लेकर मानकों के अनुरूप नई सामग्री भिजवाई गई है।

दोषी एजेंसियों पर गिरी गाज

जिन एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

  • मेसर्स नमो इंटरप्राइजेस

  • मेसर्स आयुष मेटल

  • मेसर्स अर्बन सप्लायर्स

  • मेसर्स मनीधारी सेल्स

  • मेसर्स ओरिएंटल सेल्स

  • मेसर्स सोनचिरैया कॉर्पोरेशन

ये सभी एजेंसियां अब भविष्य में किसी भी प्रकार की शासकीय सप्लाई नहीं कर सकेंगी। जांच रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि इन एजेंसियों ने बच्चों और महिलाओं के लिए भेजी गई सामग्रियों में गुणवत्ता से समझौता किया।

राज्य स्तरीय समिति ने की गहन जांच

मंत्री राजवाड़े के निर्देश पर गठित राज्य स्तरीय जांच समिति में संयुक्त संचालक (वित्त), सीएसआईडीसी, जीईसी रायपुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सहायक संचालक (आईसीडीएस) और एसजीएस इंडिया, आईआरक्लास जैसी तकनीकी निरीक्षण एजेंसियों के विशेषज्ञ शामिल थे। इस समिति ने रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जशपुर, सरगुजा और जांजगीर-चांपा जिलों में जाकर भौतिक निरीक्षण किया।

किन चीजों में मिली गड़बड़ी?

  • अनाज कोठी: बीआईएस मानक के अनुरूप नहीं पाई गई।

  • स्टील ट्रे: साइज और वजन में भिन्नता।

  • तवा: गुणवत्ता खराब मिली।

  • टेबल: कुछ जगहों पर असेंबल नहीं हुई थीं।

  • अन्य सामग्री जैसे कुकर, चम्मच, अलमारी, गिलास आदि: अधिकतर जगहों पर मानकों पर खरी उतरीं।

विभाग ने साफ किया – कोई भुगतान नहीं

महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया कि किसी भी दोषपूर्ण सामग्री के लिए संबंधित एजेंसियों को भुगतान नहीं किया गया है। विभाग की नीति के अनुसार भुगतान तभी किया जाता है जब सामग्री गुणवत्ता जांच में पास हो। इससे यह सुनिश्चित होता है कि सप्लायर मनमानी न कर सकें।

मीडिया रिपोर्टों पर विभाग की सफाई

कुछ मीडिया रिपोर्टों में इस सप्लाई का मूल्य 40 करोड़ रुपये बताया गया था, जबकि विभाग ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2024-25 में कुल 23.44 करोड़ रुपये की सामग्री ही खरीदी गई है। पूरी खरीद प्रक्रिया पारदर्शी रही और हर चरण पर गुणवत्ता की जांच की गई।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का बयान

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा, “बच्चों और महिलाओं से जुड़ी सेवाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। हमने त्वरित और पारदर्शी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की है। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में सिर्फ सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सामग्री ही पहुंचे।”

मुख्यमंत्री की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह कार्रवाई की गई है। सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि बच्चों, महिलाओं और गरीबों के हक से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

इस सख्त कार्रवाई से यह संदेश साफ है कि छत्तीसगढ़ सरकार आंगनबाड़ी जैसी मूलभूत सेवाओं में किसी भी लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी।

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