बिहार में पेपर लीक पर बवाल: तेजस्वी यादव के मार्च पर वाटर कैनन, मीसा भारती समेत कई नेता हिरासत में

तेजस्वी यादव

पटना: बिहार में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सियासी टकराव बढ़ता जा रहा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और RJD नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्ष ने पेपर लीक मामले के विरोध में लोक भवन की ओर मार्च किया। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

पुलिस कार्रवाई के बाद तेजस्वी यादव, मीसा भारती समेत कई राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। घटना के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।

लोक भवन की ओर निकला RJD का मार्च

पेपर लीक के मुद्दे को लेकर RJD ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया था। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए लोक भवन की तरफ बढ़े।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। जब मार्च आगे बढ़ने लगा तो पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

इसके बाद मौके पर काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

तेजस्वी यादव बोले- वाटर कैनन से आंदोलन नहीं रुकेगा

पुलिस की कार्रवाई पर तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वाटर कैनन का इस्तेमाल सम्राट चौधरी के निर्देश पर किया गया।

तेजस्वी यादव ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनके मुताबिक, जनता अब जाग चुकी है और लोग अपने मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। उन्होंने सरकार से पेपर लीक के मामले में जवाब देने की मांग की।

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मीसा भारती समेत कई नेता हिरासत में

मार्च के दौरान पुलिस ने तेजस्वी यादव और RJD सांसद मीसा भारती समेत पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद विपक्ष ने सरकार पर लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने के अधिकार को दबाने का आरोप लगाया।

RJD नेताओं का कहना है कि पेपर लीक से प्रभावित छात्रों और युवाओं को न्याय दिलाने के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा।

भाई वीरेंद्र ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि अपने अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र और युवा निहत्थे थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और गोली चलाने जैसी कार्रवाई की गई। भाई वीरेंद्र ने सवाल उठाया कि क्या कानून पुलिस को छात्रों और युवाओं पर इस तरह की कार्रवाई की अनुमति देता है।

हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए गोली चलने और AK-47 के इस्तेमाल के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।

पेपर लीक पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने

बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित पेपर लीक का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। विपक्ष इसे छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बता रहा है, जबकि सरकार की ओर से मामले में कार्रवाई और जांच का पक्ष सामने रखा जा रहा है।

तेजस्वी यादव के नेतृत्व में हुए इस मार्च और पुलिस की कार्रवाई ने विवाद को और बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है और विपक्ष अपने आंदोलन को किस दिशा में ले जाता है।

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