Custom Milling Scam: कस्टम मिलिंग और आबकारी घोटाले में बड़ी कार्रवाई, अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा 4 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में, तीन और आरोपी रिमांड पर भेजे गए
Custom Milling Scam
रायपुर। Custom Milling Scam: छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और घोटालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। राजधानी रायपुर में कस्टम मिलिंग और आबकारी घोटाले से जुड़े मामलों में अदालत में सुनवाई हुई, जिसमें कई अहम फैसले सामने आए हैं। ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) की कार्रवाई के तहत जहां तीन नए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, वहीं कस्टम मिलिंग घोटाले में मुख्य आरोपियों अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा को 4 अगस्त तक जेल भेज दिया गया है।
आबकारी घोटाले में तीन आरोपी गिरफ्तार
ईओडब्ल्यू ने आबकारी घोटाले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों – मनीष मिश्रा, संजय कुमार मिश्रा और अभिषेक सिंह – को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, मनीष और संजय मिश्रा सगे भाई हैं और संजय मिश्रा पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। इन दोनों ने मिलकर “नेक्सजेन पावर” नाम की एक कंपनी बनाई और एफएल-10 लाइसेंस के जरिए छत्तीसगढ़ में महंगी ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की सप्लाई शुरू की थी।
अभिषेक सिंह, जो इस मामले में पहले से आरोपी रहे अरविंद सिंह का भतीजा है, को भी गिरफ्तार किया गया। ईओडब्ल्यू ने तीनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 26 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया है। इस दौरान ईओडब्ल्यू इनसे पूछताछ कर घोटाले की पूरी परतें खोलने की कोशिश करेगी।
अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा 4 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में
कस्टम मिलिंग घोटाले में फंसे अनवर ढेबर और पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा की 11 दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। इस बार ईओडब्ल्यू ने उनकी दोबारा रिमांड की मांग नहीं की, जिस पर कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अब ये दोनों 4 अगस्त तक जेल में रहेंगे।
नवनीत तिवारी की रिमांड बढ़ाई गई
उधर, कोल घोटाले में गिरफ्तार नवनीत तिवारी की 10 दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद उसे भी कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसकी रिमांड अवधि चार दिन और बढ़ाते हुए 25 जुलाई तक ईओडब्ल्यू को पूछताछ की इजाजत दी है। अब अगले चार दिन तक ईओडब्ल्यू नवनीत तिवारी से कोल घोटाले में और भी गहन पूछताछ करेगी।
लगातार हो रही है कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में बीते कुछ हफ्तों में जिस तरह से घोटालों की परतें खुल रही हैं, उससे शासन-प्रशासन में हलचल तेज है। चाहे कस्टम मिलिंग हो या आबकारी और कोल घोटाला – हर मामले में कई बड़े नाम जांच के दायरे में आ चुके हैं। ईओडब्ल्यू की लगातार चल रही कार्रवाई से साफ है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
