सालों पुरानी सियासी तल्खी के बीच भूपेश पहुंचे सिंहदेव के घर, पुराने मतभेदों पर बोले- “अब आगे बढ़ने का वक्त”

Bhupesh Baghel-T S Singh Deo Meeting

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस की सियासत में लंबे समय तक चर्चा में रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव एक बार फिर साथ नजर आए। अंबिकापुर में कांग्रेस के प्रशिक्षण कार्यक्रम के बीच भूपेश बघेल सिंहदेव के निवास पहुंचे, जहां दोनों नेताओं के बीच मुलाकात हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों ने साथ बैठकर कॉफी पर बातचीत भी की।

दोनों नेताओं के बीच मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब कांग्रेस के सत्ता में रहने के दौरान मुख्यमंत्री पद को लेकर कथित ‘ढाई-ढाई साल’ की चर्चा और दोनों खेमों के बीच राजनीतिक मतभेद लंबे समय तक सुर्खियों में रहे थे। हालांकि, इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच सहज और आत्मीय माहौल दिखाई दिया।

पुरानी सियासी खींचतान पर सिंहदेव ने क्या कहा?

मीडिया से बातचीत में टीएस सिंहदेव ने दोनों नेताओं के बीच पुराने मतभेदों को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि सत्ता में रहते हुए जो परिस्थितियां थीं, उनसे इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके और भूपेश बघेल के बीच पारिवारिक संबंध और संवाद बना रहा। सिंहदेव के मुताबिक, अब जरूरी है कि पुरानी बातों को पीछे रखते हुए परिस्थितियों को बेहतर बनाया जाए और संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाए।

read more: मोदी के जन्मदिन पर कांग्रेस ने उठाए 12 सवाल, महंगाई-बेरोजगारी से लेकर ‘दिया और तेल’ तक घेरा

कॉफी के बहाने हुई मुलाकात

स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर से निकलने के दौरान सिंहदेव ने भूपेश बघेल को अपने निवास पर कॉफी के लिए आमंत्रित किया था। बघेल बाद में सिंहदेव के निवास पहुंचे और दोनों नेताओं ने मुलाकात की। इस दौरान बातचीत का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें दोनों नेता सहज अंदाज में बातचीत करते नजर आए।

आगामी चुनावों को लेकर संगठन पर जोर

मुलाकात के राजनीतिक मायने इसलिए भी निकाले जा रहे हैं क्योंकि कांग्रेस इस समय संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारियों पर जोर दे रही है। अंबिकापुर में आयोजित कांग्रेस के प्रशिक्षण कार्यक्रम में संगठन, आदिवासी मुद्दों और पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।

सिंहदेव ने संकेत दिया कि आने वाले समय में संगठन को मजबूत करने के लिए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को मिलकर काम करने की जरूरत है। ऐसे में दोनों वरिष्ठ नेताओं की यह मुलाकात कांग्रेस के भीतर आपसी संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Youthwings