भूपेश बघेल ने डिप्टी CM अरुण साव को कहा ‘बंदर’, साहू समाज ने 10 दिन में माफी न मांगी तो आंदोलन की दी चेतावनी…

भूपेश बघेल और डिप्टी CM अरुण साव

भूपेश बघेल और डिप्टी CM अरुण साव

रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उप मुख्यमंत्री अरुण साव के खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर सियासी और सामाजिक हलकों में विवाद गहरा गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ ने भूपेश बघेल के बयान को अत्यंत अमर्यादित, आपत्तिजनक और निंदनीय करार देते हुए उनसे 10 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।

माफी नहीं तो चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने समाज के सभी जिला अध्यक्षों को पत्र जारी कर इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि यदि भूपेश बघेल सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, तो साहू समाज प्रत्येक जिले में तीन दिनों के भीतर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपेगा। इसके बाद लोकतांत्रिक, संगठित और चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

टीएस सिंहदेव ने किया भूपेश बघेल का बचाव

इस विवाद के बीच पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव भूपेश बघेल के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी किसी समाज के खिलाफ नहीं, बल्कि एक व्यक्ति की कार्यप्रणाली को लेकर की गई थी। सिंहदेव ने स्पष्ट किया कि बयान को समाज से जोड़कर देखना उचित नहीं है।

मंत्री टंक राम वर्मा का पलटवार

उप मुख्यमंत्री अरुण साव की तुलना बंदर से किए जाने को लेकर मंत्री टंक राम वर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि एक पूर्व मुख्यमंत्री को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल शोभा नहीं देता। टंक राम वर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी हार से विचलित होकर आपसी लड़ाई में उलझ गई है, इसी वजह से लगातार विवादित बयान सामने आ रहे हैं।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, तीन दिन पहले भूपेश बघेल ने बिलासपुर के लिंगियाडीह क्षेत्र में एक सभा को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि उप मुख्यमंत्री साव दो साल में सिर्फ 950 मीटर सड़क ही बनवा पाए हैं और केवल उछल-कूद करने वाले बंदर की तरह व्यवहार कर रहे हैं। इसी बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक विवाद ने तूल पकड़ लिया।

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